‘मैं नारे लगा रही थी। अचानक पुलिस वाले आए। कई पुरुष पुलिसकर्मियों ने मुझपर लाठियां चलाई। एक ने लाठी मारकर मेरा सिर फोड़ दिया। अचानक खून निकलने लगा और मैं बेहोश हो गई। अभी 4 घंटे से PHCH में हूं। लगातार खून निकल रहा, पता नहीं जिंदा निकलूंगी या कफन ओढ़
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अस्पताल के बेड पर पड़ी भाग्य भारती दर्द से कराहते हुए बड़ी मुश्किल से इतना कह पाती हैं। वह मंगलवार को CM हाउस का घेराव करने निकले आंदोलनकारी छात्रों के समूह में शामिल थीं। लाठीचार्ज में घायल होने के बाद उन्हें PMCH में भर्ती कराया गया।
एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, लाठीचार्ज में घायल होने के बाद भाग्य भारती के साथ क्या हुआ? PMCH में उन्हें क्या परेशानी हुई? पुलिस की कार्रवाई पर भाग्य भारती क्या कहती हैं?

लाठीचार्ज के दौरान भाग्य भारती के सिर पर चोट लगी। वह लहुलूहान होकर जमीन पर गिर गईं थीं।
सिर से खून निकल रहा था, पुलिस ने नहीं उठाया
दैनिक भास्कर से बातचीत में भाग्य भारती ने कहा, ‘मैं उन पुलिसकर्मियों को पहचान सकती हूं, जिन्होंने लाठी चलाई। मैं घायल थी। सिर से खून निकल रहा था इसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने नहीं उठाया। अपनी गाड़ी से अस्पताल नहीं पहुंचाया।’
‘जब तक मैं चीजों को समझ पाती मुझे होश नहीं रहा। मैं बेहोश हो गई। मैंने बहुत कोशिश की कि होश में रहूं, लेकिन नहीं हो पाया। मेरे साथियों ने किसी तरह मुझे ई-रिक्शा से गार्डिनर अस्पताल पहुंचाया।’
‘यहां से डॉक्टरों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया। हम कोई उपद्रव नहीं कर रहे थे। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार हमारी बात सुनने के बजाय हम पर लाठीचार्ज कर रही है। पुलिसवाले बच्चों को लाठी मार रहे हैं।’
अस्पताल से निकलने के बाद फिर से धरना पर बैठूंगी
भाग्य भारती ने कहा, ‘हम छात्रों को रोकने के लिए इतने बड़े-बड़े बैरिकेड लगाए जाते हैं। जब हम सड़क पर उतरे तो हमारा दमन किया गया। हम सरकार से यही कहना चाहते हैं कि उनकी लाठी या गोली से नहीं डरेंगे। अस्पताल से निकलने के बाद मैं फिर से धरना पर बैठूंगी।’
‘मैं तब तक भूख हड़ताल पर रहूंगी जब तक सरकार हमारी बात नहीं मान लेती। इस सरकारी अस्पताल की कुव्यवस्था देखते हुए लगता है कि इसके लिए भी लड़ने और यहां की स्थिति बदलने की जरूरत है।’

छात्रा भाग्य भारती ने आरोप लगाया कि चार घंटे तक इलाज नहीं मिला।
चार घंटे अस्पताल में रहने के बाद भी इलाज शुरू नहीं हुआ
छात्रा ने कहा, ‘मैं करीब 4 घंटे से अस्पताल में हूं। बहुत दर्द हो रहा है। अब तक मेरा इलाज शुरू नहीं हुआ है। मैं ठीक से बोल नहीं पा रही। सिर से इतना खून निकला है, लेकिन अभी तक एक टाका नहीं लगाया। इस अस्पताल से मैं जिंदा बच कर जाऊंगी या कफन पहन कर, कुछ पता नहीं।’
‘हम लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लड़ रहे हैं। सरकार कोई भी व्यस्था ठीक से नहीं कर पा रही है। बस इतना कहना चाहते हैं कि हम रुकेंगे नहीं, लड़ेंगे। सरकार नहीं सुनती है तो हम अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।’
हमारे आगे और पीछे भी आंखें हैं, सब समझते हैं
छात्रा ने कहा, ‘देश की जनता जाग गई है। जिस जेन जी को ये नॉन पॉलिटिकल कहते थे अब वह जेन जी पॉलिटिकल हो चुका है। सोशल इश्यूज को समझ रहा है। सोसाइटी को लेकर कंसर्न हो गए हैं।’

अब जानिए, पुलिस की लाठीचार्ज पर आंदोलनकारी छात्र क्या कहते हैं?
पवन कुमार ने बताया कि हम लोग अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। गांधी मैदान के 10 नंबर गेट से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने रोक दिया। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कुछ छात्रों को गिरफ्तार और डिटेन किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। कई घायल छात्र पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं।
कई अन्य छात्रों की भी हालत गंभीर
भाग्य भारती के साथ में कई अन्य छात्र भी पीएमसीएच में भर्ती है। छात्र नेता गौतम को भी सिर पर चोट लगी है। वह गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ बोल नहीं पा रहे।

CM हाउस का घेराव करने निकले थे छात्र, पुलिस ने दौड़ाकर पीटा
दरअसल, मंगलवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र CM हाउस का घेराव करने निकले थे। ये छात्र BPSC TRE-4 में PT-मेन, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल की मांग कर रहे हैं।
छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ-साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला पहुंच गए। इस दौरान छात्रों की CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर पत्थरबाजी भी की, जिसमें टाउन DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुछ छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

डाकबंगला चौराहा पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया।
शिक्षा मंत्री बोले- सभी मुद्दों का समाधान कर दिया गया है
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, ‘जिन मुद्दों को लेकर छात्र धरने पर बैठे थे, उनके सभी मुद्दों का समाधान कर दिया गया है। सरकार की नियत है कि हम अपने युवाओं की समस्याओं का समय पर निदान करें। युवा जो-जो विषय लेकर आए, हम लोगों ने उसका समाधान किया।’
'मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि जिस इंसान ने 10वीं की बोर्ड की परीक्षा तक नहीं दी, वो परीक्षा पर सुझाव दे रहे हैं। इसी वजह से मैं तेजस्वी को फिर कहूंगा कि एक बार हमारे बिहार सरकार के स्कूल में दाखिला लीजिए, 10वीं पास कीजिए और फिर आकर हमें परीक्षा पर सुझाव दीजिए। हमें आपका सुझाव बहुत अच्छा लगेगा।'