PoJK विस्थापितों का जम्मू में प्रदर्शन, मुआवजा और पुनर्वास समेत लंबित मांगें पूरी करने की मांग

Published on 24 अग॰ 2026

August 24, 2026

PoJK विस्थापितों का जम्मू में प्रदर्शन, मुआवजा और पुनर्वास समेत लंबित मांगें पूरी करने की मांग

जम्मू: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से विस्थापित लोगों ने सोमवार को जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार के सामने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को उठाया और जल्द कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन PoJK विस्थापित लोगों के फ्रंट, नॉन-कैंप 1971 छंब नियाबत की ओर से आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष कैप्टन (रिटायर्ड) युद्धवीर सिंह चिब ने किया। बड़ी संख्या में विस्थापित समुदाय के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।

30 लाख रुपये का पूरा मुआवजा देने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विस्थापित परिवारों के लिए सरकार ने 30 लाख रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन अब तक केवल करीब 5.5 लाख रुपये ही मिले हैं। उन्होंने बाकी राशि जल्द जारी करने की मांग की। संगठन का कहना है कि विस्थापित परिवार लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं और पूरे मुआवजे के बिना उनके लिए स्थायी रूप से अपना जीवन दोबारा व्यवस्थित करना मुश्किल है।

खेती की जमीन और मालिकाना हक का मुद्दा

प्रदर्शनकारियों ने विस्थापित परिवारों के लिए खेती की जमीन उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा, जिन परिवारों को पहले जमीन आवंटित की जा चुकी है, उन्हें उस जमीन का मालिकाना हक देने से जुड़े सरकारी आदेशों को लागू करने की मांग उठाई गई। फ्रंट ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों का समाधान होने से विस्थापित परिवारों को स्थायी आधार मिल सकेगा और वे अपनी आजीविका को बेहतर तरीके से चला सकेंगे।

1971 के विस्थापित परिवारों के लिए प्लॉट और आर्थिक मदद

प्रदर्शनकारियों ने 1971 के युद्ध के दौरान विस्थापित हुए और कैंपों के बाहर रह रहे परिवारों के लिए भी विशेष राहत की मांग की। उन्होंने प्रत्येक परिवार को 10 मरला का रिहायशी प्लॉट देने और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर वे कई बार प्रशासन के सामने अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन दशकों बीत जाने के बाद भी कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

‘जल्द उठाए जाएं ठोस कदम’

फ्रंट के सदस्यों ने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपील की कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार न्याय, उचित पुनर्वास और सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा किए जाने के हकदार हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुआवजे की बाकी राशि जारी करने, खेती की जमीन देने, मालिकाना हक से जुड़े मामलों को सुलझाने और रिहायशी प्लॉट व घर निर्माण के लिए सहायता देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

📍 Location: Jammu (Jammu)