गांव-गांव समितियां, स्थानीय रक्षा बल का गठन... PoJK में आंदोलन के बाद अब JAAC का बड़ा प्लान

Published on 20 अग॰ 2026

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आंदोलन को लेकर एक नई और अहम जानकारी सामने आई है. क्षेत्र में सामने आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, JAAC अब अपने आंदोलन को गांव स्तर तक संगठित करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत प्रत्येक गांव में तीन अलग-अलग समितियां गठित करने का प्रस्ताव बताया जा रहा है.

रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रस्तावित व्यवस्था में राजनीतिक समिति, वित्तीय समिति और रक्षा समिति शामिल होंगी. इन समितियों के जरिए स्थानीय लोगों को राजनीतिक गतिविधियों, आर्थिक मामलों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में संगठित भूमिका देने की कोशिश की जा सकती है.

बताया जा रहा है कि राजनीतिक समिति स्थानीय स्तर पर आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियों का समन्वय करेगी. वित्तीय समिति आर्थिक संसाधनों और स्थानीय स्तर पर होने वाली वित्तीय गतिविधियों को संभाल सकती है. वहीं, रक्षा समिति को इस पूरी प्रस्तावित व्यवस्था का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जा रहा है.

संगठित रक्षा बल तैयार करने का प्लान

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि JAAC स्थानीय स्तर पर एक संगठित रक्षा बल तैयार करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है. इसे पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर प्रतिरोध और सुरक्षा के विकल्प के तौर पर पेश किए जाने की बात कही जा रही है.

अगर यह व्यवस्था वास्तव में जमीन पर लागू होती है, तो PoJK में चल रहे आंदोलन का स्वरूप काफी बदल सकता है. आंदोलन केवल प्रदर्शन और मांगों तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय प्रशासन, वित्तीय मामलों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में भी समानांतर ढांचा खड़ा करने की दिशा में बढ़ सकता है.

JAAC लगातार कर रही है आंदोलन

हालांकि, इन समितियों के गठन और स्थानीय रक्षा बल तैयार करने की योजना को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा या स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल इन दावों को रिपोर्टों के रूप में ही देखा जाना चाहिए.

JAAC पिछले कुछ समय से PoJK में आर्थिक राहत, राजनीतिक अधिकारों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है. ऐसे में गांव स्तर पर समितियों के गठन की यह खबर सामने आती है तो यह आंदोलन के अगले चरण की ओर बढ़ने का संकेत हो सकती है. खासकर रक्षा समिति और संभावित स्थानीय बल की चर्चा आगे बढ़ती है, तो इसका इस्लामाबाद और PoJK प्रशासन के साथ संबंधों पर भी गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा प्रभाव पड़ सकता है.

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मेहराज अहमद

मेहराज अहमद

पत्रकारिता में 12 से अधिक साल से कार्यरत. शुरुआत रिजिनल चैनल के बाद इंडिया न्यूज, टीवी9 नेटवर्क, न्यूज़18 आईबीएन खबर, अमर उजाला, ईटीवी भारत वर्तमान में tv9 Bharatvatsh (tv9 hindi.com) का हिस्सा हूं. मानवाधिकार, आतंकवाद-रोधी जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग करना पसंद है.

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