पाकिस्तान में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने राजधानी इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर और अटक समेत कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई शहरों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया है, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और कई जगहों पर सड़कें व छोटे बांध भी टूट गए हैं। मौसम विभाग ने पांच अगस्त तक भारी बारिश, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सड़कें बनीं नदी
शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद इस्लामाबाद और रावलपिंडी के कई इलाके जलमग्न हो गए। मूरी रोड, कचहरी चौक और पेशावर रोड जैसी प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारा काहू इलाके में करीब दो फीट तक पानी भर गया। कई वाहन बीच सड़क में फंस गए और बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। स्थानीय निवासी मोहम्मद अकरम अब्बासी ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि लोगों को खुद लाउडस्पीकर से बच्चों को घरों के अंदर रहने की अपील करनी पड़ी, जबकि तत्काल कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची।
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लेह नाले का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
रावलपिंडी के लेह नाले का जलस्तर बढ़कर करीब 10 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया। बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में पानी भर गया और लोगों में दहशत फैल गई।
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स्थिति को और खराब बनाने में अधूरे विकास कार्य भी जिम्मेदार रहे। वॉटर एंड सैनिटेशन एजेंसी (WASA) की ओर से सैदपुर रोड और असगर मॉल रोड पर की गई खुदाई के कारण सड़कें खतरनाक हो गईं। वहीं, बिजली वितरण कंपनी IESCO ने सुरक्षा कारणों से कई इलाकों की बिजली काट दी, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गईं।
अटक में बांध टूटा, कई परिवारों का सब कुछ बर्बाद
अटक जिले के पिंडिघेब कस्बे में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां मल्लाहवाला गंडा कास नाम का छोटा बांध तेज बारिश के कारण ओवरफ्लो हो गया और उसका तटबंध टूट गया। इसके बाद बाढ़ का पानी कमरियाल और गुंडकास जैसे निचले इलाकों में फैल गया।

स्थानीय लोगों ने क्या-क्या कहा?
दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई परिवारों को अपनी छतों पर शरण लेनी पड़ी। किराना दुकानदार मोहम्मद असलम ने बताया कि गंदे पानी के तेज बहाव में उनकी दुकान का अधिकांश सामान खराब हो गया।
व्यापारी रशीद महमूद ने कहा कि दुकान में पानी घुसने से ब्रेड, केक, बिस्कुट, रस्क समेत पूरा बेकरी सामान खराब हो गया। फ्रिज, डिस्प्ले काउंटर और अन्य बिजली के उपकरण भी नुकसान की चपेट में आ गए। स्थानीय निवासी शाज़िया बीबी ने बताया कि उनके घर का फर्नीचर, बिस्तर, कपड़े, घरेलू उपकरण और जरूरी दस्तावेज पानी में खराब हो गए। वहीं, अब्दुल कदीर ने कहा कि घर की दीवारों में नमी आ गई है और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
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पेशावर में 120 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
पेशावर में शुक्रवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद बुधनी नाला उफान पर आ गया। इसके चलते सरदार कॉलोनी पूरी तरह पानी में डूब गई और वहां रहने वाले लोग घरों में फंस गए। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि 40 बचावकर्मियों और चार वाहनों की मदद से 120 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा वारसाक रोड के खुशहाल बाग इलाके से पांच अन्य लोगों को भी बचाया गया। साफिया होम्स और नासिर बाग रोड पर भी राहत दल भेजे गए, हालांकि वहां लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी।
बीआरटी सेवा बंद, 84 बिजली फीडर ठप
बुधनी ब्रिज पर पानी बढ़ने के बाद पेशावर बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश और तेज हवाओं के कारण पेशावर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (PESCO) के 84 बिजली फीडर भी बंद हो गए। इनमें पेशावर के 41, खैबर के 22, मर्दान के 12, स्वाबी के 5 और स्वात के 4 फीडर शामिल हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से कई जिलों में लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा।
एक साल पहले बनी सड़क भी बारिश में बह गई
स्वाबी जिले में गदून पहाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश के बाद टोपी नाले में पानी का बहाव बढ़ गया। इससे टोपी-कोठा कॉजवे पूरी तरह ढह गया। यह सड़क करीब एक साल पहले ही दोबारा बनाई गई थी। सड़क टूटने से टोपी और आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इसकी जांच की मांग की।
103 मिमी बारिश दर्ज, पांच अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, रावलपिंडी के कुछ इलाकों में 103 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने 5 अगस्त तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश, शहरी बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई है। लोगों को निचले इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हर साल सामने आती है वही समस्या
पाकिस्तान में मानसून के दौरान हर साल कई शहरों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था, समय पर नालों की सफाई न होना, अनियोजित शहरी विकास और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बार भी कई प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू नहीं हुए, जिससे नुकसान और बढ़ गया।