नासिक की बदहाल सड़कों पर भड़के छगन भुजबल, बोले- जनता के सब्र की परीक्षा न लें, इतिहास सामने है
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Written By:
रूपम सिंह
Updated On: Aug 02, 2026 | 07:39 AM IST
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सार
Nashik Road Potholes Death: नासिक में सड़कों के गड्ढों व हादसों पर मंत्री छगन भुजबल ने प्रशासन को चेताया। कहा- जनता के सब्र की परीक्षा न लें, नगर निगम आयुक्त जवाबदेही तय करें।

छगन भुजबल (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Chhagan Bhujbal Nashik Potholes Road Accidents Warning: नासिक में सड़कों पर बढ़ते गड्डों, लगातार हो रहे सड़क हादसों और मौतों को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने अपनी ही सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लोगों के सब्र की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस के हश्र की याद दिलाते हुए कहा कि इतिहास हमारे सामने है।
सड़कों की बदहाल स्थिति के लिए नगर निगम प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी होगी और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। नाशिक में गड्डों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है।
इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। यदि हादसों से प्रभावित परिवार नगर निगम मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं तो उनकी बात तुरंत सुनी जानी चाहिए। जनता के बढ़ते असंतोष को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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कुंभ मेले के कार्यों के दौरान यदि एक तरफ सड़क की खुदाई हो रही है तो दूसरी ओर गड्डा मुक्त वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ ठेके देकर जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। अधिकारियों को ठेकेदारों से समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम कराना चाहिए। सड़कों की बदहाल स्थिति के लिए आखिरकार नगर निगम आयुक्त ही जिम्मेदार होंगे।
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जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से समस्या का समाधान नहीं
आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि मैं भी दो बार मुंबई का महापौर रह चुका हूं और नगर निगम की कार्यप्रणाली अच्छी तरह जानता हूं। सड़कों की स्थिति की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की ही होती है। जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से समस्या का समाधान नहीं होगा। आयुक्त को जवाबदेही स्वीकार करनी होगी और ठेकेदारों से जवाब मांगना होगा।
कुंभ मेले की तैयारियों की जिम्मेदारी मंत्री गिरीश महाजन और संबंधित अधिकारियों पर है। उन्होंने आग्रह किया कि वे स्वयं निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि जहां खुदाई हो रही है वहां लोगों को सुरक्षित और गड्डामुक्त वैकल्पिक मार्ग मिले। अधिकारी सक्रिय होंगे तभी व्यवस्था सुधरेगी।
