पदक वीर बिटिया का पुलिस ने किया सम्मान : ज्ञानेश्वरी यादव बोली- हौसला हो तो मुश्किलों के बीच भी निकलती है राह
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव पुलिस ने सम्मान किया।
रजत पदक जीतकर लौटी ज्ञानेश्वरी यादव का भव्य सम्मान
- Published: 08 Aug 2026, 09:17 AM IST
- Last Updated: 08 Aug 2026, 09:26 AM IST
राजनांदगांव। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव पुलिस ने विशेष सम्मान किया। पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में उनके सम्मान में “A Felicitation & Interaction Session for Girls and Women” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं शामिल हुईं।
ज्ञानेश्वरी ने साझा की संघर्ष की कहानी
ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर कभी समझौता नहीं किया। लगातार मेहनत, अनुशासन और खुद पर भरोसे ने उन्हें सफलता की राह दिखाई।
उन्होंने अपने माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को अपनी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बताया। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि परिवार का विश्वास मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
जब पीरियड्स के पहले दिन उतरीं मैदान में
कार्यक्रम में ज्ञानेश्वरी के उस अनुभव ने खास तौर पर सभी का ध्यान खींचा, जब प्रतियोगिता के दौरान उनके पीरियड्स का पहला दिन था। ऐसी स्थिति में आमतौर पर आराम की सलाह मिलने के बावजूद उन्होंने मानसिक मजबूती दिखाई और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि उस समय खुद पर विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया। उनकी यह कहानी वहां मौजूद छात्राओं और महिलाओं के लिए आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता का संदेश बन गई।

तिरंगा ऊपर उठा तो आंखों में थे खुशी के आंसू
ज्ञानेश्वरी ने पदक जीतने के बाद के उस पल को भी याद किया, जब मंच पर भारतीय तिरंगा सबसे ऊपर उठा और राष्ट्रगान बजा। उन्होंने कहा कि वह पल उनके जीवन के सबसे गौरवपूर्ण और भावुक क्षणों में से एक था। देश के लिए पदक जीतने की खुशी को शब्दों में बयां करना उनके लिए मुश्किल था।
सकारात्मक सोच को बताया सफलता की कुंजी
संवाद के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दबाव, मानसिक तैयारी, सकारात्मक सोच, Manifestation और अनुशासित जीवनशैली के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने अपनी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारियों और लक्ष्य को लेकर रणनीति भी साझा की।
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और महिलाओं ने ज्ञानेश्वरी से कई सवाल किए। उनके जवाबों ने युवतियों को खेल के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों से लड़ने और अपने लक्ष्य के प्रति डटे रहने की प्रेरणा दी।
पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी किया संवाद
कार्यक्रम में डोंगरगढ़ विधायक श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी मंजुला बाज सहित ज्ञानेश्वरी यादव के माता-पिता मौजूद रहे।
विधायक हर्षिता बघेल, किरण वैष्णव, अजय यादव और अंकिता शर्मा ने भी ज्ञानेश्वरी से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। कार्यक्रम में अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, महिला उद्यमी, लायनेस क्लब, वुमेनिया ऑर्गेनाइजेशन, जीटो वूमेन विंग सहित विभिन्न संस्थाओं की महिलाएं और छात्राएं शामिल हुईं।

ज्ञानेश्वरी छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का हिस्सा है, यह गर्व की बात
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी बेटियों की संघर्षगाथा दूसरी बालिकाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का हिस्सा हैं, यह हमेशा गर्व और गौरव की अनुभूति कराता रहेगा।
माता-पिता का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के अंत में ज्ञानेश्वरी यादव और उनके माता-पिता को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और छात्राओं ने इसे महिला सशक्तिकरण और युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में राजनांदगांव पुलिस की सराहनीय पहल बताया।
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