चंद्रपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला नर तेंदुए का शव, टक्कर से सिर में लगी न्यूरोलॉजिकल शॉक से मौत| Navbharat Live

Published on 9 अग॰ 2026

चंद्रपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला नर तेंदुए का शव, टक्कर से सिर में लगी न्यूरोलॉजिकल शॉक से मौत

  • Written By:

    आलोक उमाकृष्ण

Updated On: Aug 09, 2026 | 09:53 AM IST

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सार

Train Hit Leopard Dies: चंद्रपुर में बल्लारशाह-काजीपेठ रेल लाइन पर ट्रेन की चपेट में 4-5 वर्षीय नर तेंदुए की मौत हो गई। वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम निपटारा किया।

Chandrapur Train Hit Leopard Dies On Ballarpur Kazipeth Rail Line Wildlife Safety

ट्रेन की चपेट में आए तेंदुए की मौत (सोर्सः सोशल मिडिया)

विस्तार

Chandrapur Train Hit Leopard Dies: चंद्रपुर जिले के बल्लारशाह-काजीपेठ रेलवे मार्ग पर ट्रेन की चपेट में आने से करीब 4 से 5 वर्ष के नर तेंदुए की मौत हो गई। घटना 8 अगस्त 2026 को नियत क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 590 में पोल क्रमांक 152/26 के पास हुई। वन विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, तेंदुआ रेलवे डाउन लाइन पर मृत अवस्था में मिला।

ट्रेन की जोरदार टक्कर से उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिसके कारण न्यूरोलॉजिकल शॉक हुआ और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तेंदुए के शरीर के आवश्यक माप दर्ज किए। जांच में तेंदुए की नाक से गुदा तक लंबाई 140 सेंटीमीटर और पूंछ की लंबाई 84 सेंटीमीटर पाई गई।

शव का किया गया अंतिम निपटारा

मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम दो पशु चिकित्सा अधिकारियों डॉ. एन.पी. तेलंगे और डॉ. के.एल. कांगटे ने किया। प्राथमिक रिपोर्ट में मौत का कारण ट्रेन की टक्कर से सिर में लगी गंभीर चोट और उसके बाद हुआ न्यूरोलॉजिकल शॉक बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट फिलहाल अप्राप्त दर्ज है।

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नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने के बाद तेंदुए के शव को केंद्रीय रोपवाटिका, सुमठाणा ले जाया गया। वन अधिकारियों की मौजूदगी में वहां शव का नियमानुसार दहन कर अंतिम निपटारा किया गया। वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध भी दर्ज किया है।

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रेल ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा

घटना ने बल्लारशाह-काजीपेठ रेलवे मार्ग पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वन क्षेत्र से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए संवेदनशील स्थानों की पहचान जरूरी है। दक्षिण मध्य रेलवे और वन विभाग को संयुक्त सर्वे कर वन्यजीवों के हॉटस्पॉट चिन्हित करने चाहिए।

जरूरत के अनुसार गति नियंत्रण, चेतावनी संकेत, निगरानी व्यवस्था, सुरक्षित अंडरपास और वन्यजीव गलियारों जैसे उपायों पर विचार किया जा सकता है। रेलवे कर्मचारियों के लिए भी तत्काल सूचना प्रणाली विकसित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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