सीएम धामी की कोशिश लाई रंग, रूस में फंसे उत्तराखंड के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी

Published on 11 अग॰ 2026

सीएम धामी की कोशिश लाई रंग, रूस में फंसे उत्तराखंड के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी

रूस में पिछले तीन महीनों से ज्यादा समय से फंसे उत्तराखंड के दो भाइयों की सीएम धामी की कोशिशों के बाद वतन वापसी हो गई. मंगलवार को सीएम धामी ने दोनों भाइयों और उनके परिवार से फोन पर बातचीत की.

रूस में पिछले तीन महीनों से ज्यादा समय से फंसे उत्तराखंड के दो भाइयों की सीएम धामी की कोशिशों के बाद वतन वापसी हो गई. मंगलवार को सीएम धामी ने दोनों भाइयों और उनके परिवार से फोन पर बातचीत की.

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सीएम धामी के प्रयासों से दो भाईयों की हुई वतन वापसी Photograph: (X@pushkardhami)

Uttarakhand News: सीएम पुष्कर सिंह धामी की तमाम कोशिशों के बाद रूस में फंसे उत्तराखंड के दो भाई स्वदेश लौट आए. ये दोनों भाई  करीब 97 दिनों से रूस में फंसे थे, लेकिन सीएम धामी और राज्य सरकार के प्रयासों से पिथौरागढ़ के रहने वाले आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की सुरक्षित अपने घर लौट आए.

सीएम धामी ने फोन पर की बात

रूस में फंसे दोनों भाइयों को सुरक्षित वतन वापसी के बाद सीएम धामी ने दोनों भाइयों से फोन पर बात की. सीएम धामी ने दोनों युवकों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इस दौरान परिवार ने भी दोनों बेटों के घर लौटने के सीएम धामी के प्रयासों पर आभार जताया.

ट्रैवल एजेंसी के नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा

बता दें कि दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी ने विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. परिवार का आरोप है कि रोजगार के नाम पर उनसे करीब 8 लाख रुपये लिए गए. जिसके बाद दोनों भाइयों को रूस भेज दिया गया. ट्रैवल एजेंसी ने दोनों भाइयों को 5 मई 2026 को भारत से रवाना किया था. दोनों भाई 6 मई को मॉस्को पहुंचे थे. परिजनों के मुताबिक, रूस पहुंचने के बाद उन्हें उस काम में नहीं लगाया गया. जिसके लिए उन्हें विदेश भेजा गया था. बल्कि उन्हें उनकी इच्छा के विपरीत किसी अन्य काम में लगाया गया. दोनों भाइयों को काम का पैसा भी नहीं दिया गया.

प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से 97 दिनों बाद रुस से सुरक्षित घर लौटे पिथौरागढ़ निवासी श्री आनंद सिंह कार्की जी एवं श्री भूपेंद्र सिंह कार्की जी तथा उनके परिजनों से आज दूरभाष पर वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना।

लंबे इंतजार के बाद अपनों के बीच लौटे दोनों भाइयों और उनके परिवारजनों… pic.twitter.com/KpGljScvC0

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 11, 2026

दोनों भाइयों के आने-जाने पर भी लगाई थी पाबंदी

परिवार का कहना है कि इस दौरान दोनों भाइयों के आने-जाने पर भी पाबंदी लगाई गई थी. जब वे काम करने से मना करते तो उन्हें धमकाया जाता था. जब लंबे समय तक दोनों युवकों से परिवार का संपर्क नहीं हुआ तो उन्हें चिंता सताने लगी. परिवार का जब आखिरी बार उनसे संपर्क हुआ था तब उन्हें जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी परिवार को दी थी. जिससे परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतिंत होने लगा.

सीएम धामी ने दिखाई गंभीरता

मामले के सीएम धामी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता ले लिया और संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और जल्द वापसी  सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. सीएम धामी के निर्देश पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ संपर्क किया और समन्वय स्थापित कर दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी की कोशिश तेज कर दी. तमाम कोशिशों के बाद दोनों भाई करीब 97 दिन बार वतन वापस लौट आए. 

राज्य सरकार नागरिकों की सहायता के लिए हमेशा तैयार

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में हो, राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय एवं संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करती है.

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दोनों भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी के प्रयासों में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी एवं समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा. साथ ही सरकार एवं संबंधित अधिकारियों के स्तर पर सहयोग किया. दोनों भाइयों की सकुशसल घर वापसी पर परिजनों ने सीएम धामी, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों और इस प्रयास में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया.

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