कितनी देर फुकेट से आ रही फ्लाइट पायलट के कंट्रोल से थी बाहर? गांजा पीकर विमान उड़ाने वाले केस में बड़ा खुलासा

Published on 14 अग॰ 2026

कितनी देर फुकेट से आ रही फ्लाइट पायलट के कंट्रोल से थी बाहर? गांजा पीकर विमान उड़ाने वाले केस में बड़ा खुलासा

शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल्स करीब 4 सेकंड तक काम ही नहीं कर रहे थे, जिस वजह से प्लेन आउट ऑफ कंट्रोल 300 फीट नीचे गिर गया.

शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल्स करीब 4 सेकंड तक काम ही नहीं कर रहे थे, जिस वजह से प्लेन आउट ऑफ कंट्रोल 300 फीट नीचे गिर गया.

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थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को हुए टर्बुलेंस की शुरुआती जांच में बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है. शुरुआती जांच में सामने आया कि प्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी डीएफडीआर की रीडिंग के अनुसार, विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल्स करीब 4 सेकंड तक काम ही नहीं कर रहे थे, जिस वजह से प्लेन आउट ऑफ कंट्रोल 300 फीट नीचे गिर गया. हादसे में यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं हैं. 

एयरबस की शुरुआती रीडिंग के अनुसार, ए320 नियो के एलिवेटर्स और एलेरॉन्स पर एक साथ नियंत्रण खत्म हो गया था. एलिवेटर्स विमान की नाक को ऊपर और नीचे करने तो एलेरॉन्स विमान को दाएं और बाएं मोड़ने के लिए काम करते हैं. स्पॉयलर्स ने भी काम करना बंद कर दिया था. कहा जा रहा है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ खराबी आई थी.

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साइड स्टिक आगे की ओर धकेला

सिर्फ 4 सेकंड तक एलिवेटर्स और एलेरॉन्स बिना किसी पायलट कमांड के अपने आप ड्रिफ्ट कर रहे थे. इस बीच, ऑटोपायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया था. कॉकपिट में स्टॉल वार्निंग आने की बात सामने आई है. संभावित स्टॉल से बचने के लिए को-पायलट ने साइड स्टिक आगे की ओर धकेल दिया. कॉकपिट में स्टॉल वॉर्निंग की बात भी सामने आई है. को-पायलट ने संभावित स्टॉल से बचने के लिए साइड स्टिक को आगे की ओर धकेल दिया. हालांकि, हाइड्रोलिक पावर न होने की वजह से उसका इनपुट तुरंत विमान की नोज डाउन मूवमेंट में नहीं बदल पाया.  

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हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक होते ही विमान ने पकड़ी तेज नोज-डाउन ट्रैजेक्टरी 

कुछ सेकंड बाद तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के दोबारा काम करने पर पायलट का नोज डाउन इनपुट प्रभावी हुआ. विमान ने अचानक तेज नोज डाउन ट्रैजेक्टरी पकड़ ली. इस दौरान, विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया. यात्रियों और क्रू को इससे जोरदार झटका लगा है. कई लोग हादसे में घायल हो गए. इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच गया.

STORY | Air India to test all pilots for drugs after captain tests positive for marijuana

Air India and Air India Express will begin mandatory psychoactive substance testing of all their pilots on Thursday, expanding checks beyond regulatory requirements, following the captain… pic.twitter.com/4UKmaoRhtx

— Press Trust of India (@PTI_News) August 13, 2026

एएआईबी को दिए जा रहे तकनीकी जांच के निष्कर्ष

शुरआती जांच में संभावित हाइड्रोलिक प्रेशर सेंसर या फिर प्रेशन स्विच की खराबी की बात सामने आई है. हालांकि घटना की अंतिम वजह इसे नहीं माना जा रहा है. एयरबस और फ्रांस की बीईए के विशेषज्ञ भी जांच में मदद कर रहे हैं और तकनीकी जांच के निष्कर्ष भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी एएआईबी को दिए जा रहे हैं.

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नोज-डाउन इनपुट भी तुरंत प्रभावी नहीं हो पाया

आसान शब्दों में बोले तो 4 सेकंड के लिए विमान का नोज डाउन था, ये कहना सही नहीं होगा बल्कि 4 सेकंड तक विमान के अहम कंट्रोल्स ने ठीक से काम नहीं किया और पायलट का भी नोज-डाउन इनपुट भी तुरंत प्रभावी नहीं हो पाया. हाइड्रोलिक सिस्टम के एक्टिव होने के बाद विमान ने तेज नोज-डाउन ट्रैजेक्टरी पकड़ी और लगभग 300 फीट नीचे आ गया. 

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