Raksha Bandhan 2026: कब है राखी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और भद्रा काल

Published on 19 अग॰ 2026

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और एक-दूसरे की परवाह को खास बनाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार इस साल अगस्त में मनाया जाएगा. राखी को लेकर इस बार लोगों के मन में तारीख को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक रहेगी. ऐसे में सवाल है कि आखिर 27 या 28 अगस्त में से किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधी जाएगी?

पंचांग के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह करीब 9:08 बजे शुरू होगी, 28 अगस्त सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी.  उदयातिथि के आधार पर 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शुभ माना जाएगा. 

28 अगस्त को ही क्यों मनाया जाएगा रक्षाबंधन?

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रक्षाबंधन श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी. इसलिए उदयातिथि के अनुसार त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा. यानी राखी खरीदने से लेकर पूजा की तैयारी तक के लिए 28 अगस्त की तारीख ध्यान में रखें. 

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ रहेगा.  पंचांग के अनुसार सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक राखी बांधने का शुभ समय बताया गया है. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है. इसलिए संभव हो तो इसी अवधि में भाई की कलाई पर राखी बांधना बेहतर माना जाता है. 

27 अगस्त को भद्रा का साया

रक्षाबंधन पर भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है.  इस साल 27 अगस्त को सुबह करीब 9:08 बजे से रात 9:32 बजे तक भद्रा रहने की जानकारी दी गई है.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधने जैसे शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.अच्छी बात यह है कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं रहेगी, इसलिए राखी बांधने के लिए सुबह का समय भद्रा से मुक्त रहेगा. 

रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन बांधा गया रक्षा सूत्र भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है. 

रक्षाबंधन से जुड़ी भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा भी काफी प्रसिद्ध है.  मान्यता के अनुसार, जब श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगी तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का कपड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था. इसके बाद श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया. इसी कथा को भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के भाव से जोड़ा जाता है.

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
भद्रा काल में राखी बांधने से बचें. राखी बांधने से पहले भाई को तिलक और अक्षत लगाएं.पूजा की थाली में दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और राखी रखें.राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं.बहन और भाई एक-दूसरे की खुशहाली और अच्छे भविष्य की कामना करें.

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