विदेशी धरती पर बैठे आतंकियों को भी होगी सजा, हाफिज सईद पर पहला निशाना

Published on 23 अग॰ 2026

विदेशी धरती पर बैठे आतंकियों को भी होगी सजा, हाफिज सईद पर पहला निशाना

Aug 23, 2026 01:11 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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पाकिस्तान की धरती से छिपकर भारत में दहशतगर्दी करने वालों की अब शामत आने वाली है। बीएनए की धारा 356 के तहत उनके खिलाफ मुकदमा भी चलेगा और सजा भी सुनाई जाएगी। पहला प्रयोग हाफिज सईद पर हो  रहा है।

Hafiz Saeed

हाफिज सईद पर कसा जा रहा शिकंजा, तैयार हो रहा डोजियर

पाकिस्तान में बैठकर भारत में दहशतगर्दी करना वाले आतंकियों को कानून के दायरे में लाने और उनपर शिकंजा करने का तोड़ भारत ने निकाल लिया है। सबसे पहले इसे दुर्दांत आतंकवादी हाफिज सईद पर टेस्ट किया जा रहा है। पहलगाम हमले के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद एनआईए हाफिज सईद को समन भेजने वाली है। उसे पहले ही गैर जमानती वॉरंट भेजा जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय के जरिए उसे समन भेजा जाएगा।

अब आतंकियों के विदेश में छिपे रहने के मामले में ऐक्शन लेने का तरीका भारत बदल रहा है। सुत्रों का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 का यह पहला टेस्ट है। पहली बार है जब भारतीय कोर्ट को विदेश में बैठे आतंकी के खिलाफ भी सजा सुनाने का मौका मिल रहा है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि विदेश में बैठा आतंकी भारत की कोर्ट में चल रहे मामले में इंटरेस्ट नहीं लेगा और पेश होने का सवाल ही नहीं उठता। इसके बाद भारत किस तरह से उसके खिलाफ ऐक्शन लेता है, यह देखना होगा।

गैर-जमानती वॉरंट से लेकर सजा तक

सरकार के सूत्रों के मुताबिक अगर कोर्ट से समन जारी किया जाता है और आरोपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है तो उसे अपराधी की श्रेणी में रखा जा सकता है। इसके बाद बिना किसी राजनयिक बातचीत के उसपर ऐक्शन का रास्ता साफ हो सकता है। कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया में उसके असहयोग को भी डोजियर बनाया जा सकता है।

दर्ज रहेगा पूरा रिकॉर्ड

रिकॉर्ड में रहेगा हर समन और वॉरंटआरोपी को भेजा गया हर समन और वॉरंट रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा। पहले इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से कार्रवाई होगी और इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने मामला रखा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि पाकिस्तान को भी पता हो कि भारत में उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है और हर कदम का रिकॉर्ड है। ऐसे में अगर आरोपी को सजा भी सुनाई जाती हो तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन सवाल नहीं उठा सकते क्योंकि भारत के पास पूरी न्यायिक प्रक्रिया का रिकॉर्ड होगा।

FATF के सामने पेश किया जा सकता है डोजियर

ऐसे में किसी भी विदेश में रहने वाले आतंकी के खिलाफ पूरी आपराधिक फाइल तैयार हो जाएगी। पाकिस्तान अंतरराष्ट्री प्लैटफॉर्म पर भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा प्रसारित करने का प्रयास करता है। ये रिकॉर्ड उसकी पोलपट्टी खोलने में सहयोग करेंगे। इस ट्रायल के जरिए आतंकियों पर प्रतिबंध और उनकी संपत्ति सीज करवाने के लिए भी प्रयास कियाजा सकता है। इस रिकॉर्ड को फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स के सामने भी रखा जा सकता है।