कैंसर से जिंदगी की जंग लड़ रहे बेबस मरीजों के लिए जो इंजेक्शन जान बचाने का जरिया था, दवा माफियाओं ने उसे ही ‘जहर’ बना डाला। बीकानेर के कैंसर अस्पताल से गायब कर दिल्ली के ब्लैक मार्केट में बेचे गए एक-एक लाख रुपए के जिस इंजेक्शन (एवालुमैब) को मरीज खरीद
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रिपोर्ट के अनुसार जब्त सैंपल (बैच AU052510) में कैंसर से लड़ने वाला मूल एक्टिव इंग्रीडिएंट (20 mg/mL) लगभग नगण्य था। वहीं, बांझपन की जांच में काम आने वाली दवाएं भी असुरक्षित पाई गई हैं। उसमें इंसानी शरीर में गंभीर इन्फेक्शन फैलाने वाला घातक ई-कोलाई और बैक्टीरिया मिला है। दिल्ली ड्रग कंट्रोलर ने दवा निर्माता कंपनी के जरिए जर्मनी की मर्क लैब से जांच कराई थी, यह जांच रिपोर्ट भास्कर के पास है।
उधर, आरएमएससीएल ने बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। गौरतलब है कि भास्कर ने 19 अगस्त की रिपोर्ट में अस्पतालों से इंजेक्शन और उसके वॉयल चोरी होने और दिल्ली में बेचे जाने के रैकेट का खुलासा किया था।
वॉयल की सील तोड़कर बदलते थे दवा
जर्मन फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, शीशी के रबर स्टॉपर में 1.2 mm x 0.1 mm का पंचर (छेद) था। इसके अलावा एल्युमीनियम कैप पर कई खरोंचें थीं। गिरोह बीकानेर के कैंसर अस्पताल में आरएमएससीएल से सप्लाई किए गए असली इंजेक्शनों में से सीरिंज के जरिए असली दवा निकालकर दिल्ली के ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेच देता था। इसके बाद खाली शीशी में मिलावटी लिक्विड भरकर दोबारा सील कर देता था। असली दवा में मैनिटोल 8.2% और एसिटिक एसिड 0.092% होता है, जबकि जब्त नकली शीशी में यह मात्र 1.3% और 0.013% पाया गया।
कैंसर अस्पताल से वॉयल चोरी कर रीफिलिंग की
दिल्ली के ब्लैक मार्केट में पकड़े गए आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट में गरीब मरीजों के लिए निशुल्क सप्लाई होने वाले एवालुमैब (BAVENCIO) इंजेक्शनों का पर्दाफाश दिल्ली क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल ने किया था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अस्पतालों से दवाओं की चोरी और सरकारी सप्लाई का डायवर्जन करते थे। उसके बाद अपने ठिकानों पर खाली वॉयल में पानी और अन्य बैक्टीरिया मिलाकर दवाओं की रीफिलिंग किया करते थे। इस कार्रवाई के बाद नकली दवा बेचने का कारोबार करने वाले दवा विक्रेता भूमिगत हो चुके हैं।
दिल्ली में पकड़ी कैंसर की दवा नकली थी
दिल्ली में पकड़ी गई कैंसर की दवा नकली मिली है। ड्रग कंट्रोलर दिल्ली ने इसकी जांच जर्मन लैब से करवाई है, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। फिलहाल, आगे की जांच करा रहे हैं। -पुखराज सैन, एमडी, RMSCL
काफी दवाएं पकड़ी थीं, इनमें से कई नकली हैं
हमने काफी दवाएं पकड़ी थीं, जिनमें से कुछ की रिपोर्ट आई है। उनमें से काफी दवाएं नकली मिली हैं। बीकानेर कैंसर अस्पताल की दवा के मामले में जांच चल रही है। -कमल यादव, इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, दिल्ली क्राइम ब्रांच, इंटर स्टेट सेल