ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिहरे शतक से चूके, पुजारा और यशस्वी को पछाड़ा; पटौदी के खास क्लब में एंट्री

Published on 7 सित॰ 2026

ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिहरे शतक से चूके, पुजारा और यशस्वी को पछाड़ा; पटौदी के खास क्लब में एंट्री

Sep 07, 2026 05:26 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Ishan Kishan Duleep Trophy Final: ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की और रिकॉर्ड्स की झड़ी  लगा दी। वह ईस्ट जोन के कप्तान हैं। 

Ishan Kishan  Duleep Trophy Double Century

दोहरा शतक लगाने के बाद ईशान किशन

ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेली। वह रविवार को मैच के दूसरे दिन तिहरे शतक से चूक गए। उन्होंने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ 334 गेंदों में 270 रन बनाए। उन्होंने 30 चौके और सात छक्के उड़ाए। ईशान 250 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे लेकिन दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। उन्हें 163वें ओवर में त्रिपुराना विजय ने पवेलियन भेजा। त्रिपुराना ने इसी ओवर की आखिरी गेंद पर मुकेश कुमार (0) को आउट कर ईस्ट जोन को समेटा। ईस्ट जोन ने पहली पारी 708 का विशाल स्कोर खड़ा किया। ईशान दलीप ट्रॉफी फाइनल में 250 रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले कप्तान हैं। सिर्फ दो ही कप्तान इस टूर्नामेंट के फाइनल में दोहरा शतक लगा पाए हैं। उनसे पहले अंशुमान गायकवाड़ ने 1987 में वेस्ट जोन की कप्तानी करते हुए नॉर्थ जोन के सामने 216 रनों की पारी खेली थी।

पटौदी के खास क्लब में ईशान

ईस्ट जोन की ओर से 31 साल बाद किसी प्लेयर ने दलीप ट्रॉफी में डबल सेंचुरी लगाई है। विकेटकीपर ईशान एक खास क्लब में शामिल हो गए हैं। वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सातवें प्लेयर बन गए हैं। उनके अलावा यह कारनामा मंसूर अली खान पटौदी, अंशुमान गायकवाड़, रमन लांबा, चेतेश्वर पुजारा, यूसुफ पठान और यशस्वी जायसवाल ने किया। 28 वर्षीय ईशान दलीप ट्रॉफी फाइनल में डबल सेंचुरी लगाने वाले ईस्ट जोन के पहले प्लेयर हैं। पिछला रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम था। साहा ने 2012 फाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ 170 रन बनाए थे। ईसान की पारी के दौरान विकेटकीपिंग का रिकॉर्ड भी टूट गया। दिनेश कार्तिक ने 2010 के फाइनल में साउथ जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली थी, जो दिलीप ट्रॉफी फाइनल में किसी विकेटकीपर का सबसे बड़ा स्कोर था।

पुजारा और यशस्वी को पछाड़ा

ईशान दलीप ट्रॉफी फाइनल में दूसरी सबसे बड़ी पारी खेलने वाले क्रिकेटर बन चुके हैं। उन्होंने चेतेश्वर पुजारा और यशस्वी जायसवाल को पछाड़ दिया है। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज पुजारा ने 2016 में इंडिया रेड के खिलाफ फाइनल में 363 गेंदों में 256 रन बनाए थे, जिसमें 28 चौके हैं। युवा ओपनर यशस्वी ने 2022 में वेस्ट जोन की ओर से साउथ जोन के सामने 323 गेंदों में 265 रन बनाए, जिसमें 30 चौके और चार छक्के हैं। रमन लांबा के नाम सिर्फ दलीप ट्रॉफी फाइनल बल्कि इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से वेस्ट जोन के विरुद्ध खिताबी मुकाबले में 471 गेंदों में 320 रन बटोरे थे। लांबा ने 30 चौके और 6 छक्के लगाए। ईशान दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर की ऑलटाइम लिस्ट में आठवें पायदान पर पहुंच गए हैं।

लेखक के बारे में

Md.Akram

मोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार

परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।

अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।

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