अशोक गोयल के समर्थन में जुटे मोगा के कॉलेज प्रतिनिधि

Published on 7 सित॰ 2026

अशोक गोयल के समर्थन में जुटे मोगा के कॉलेज प्रतिनिधि

September 7, 2026

अशोक गोयल के समर्थन में जुटे मोगा के कॉलेज प्रतिनिधि

College representatives in support of Ashok Goyal : मोगा। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव 2026 को लेकर मोगा में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गोल्ड कोस्ट क्लब में आयोजित बैठक में पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट के पूर्व सदस्य एवं शिक्षाविद् अशोक गोयल के समर्थन में कॉलेज प्रतिनिधियों, प्रिंसिपलों, शिक्षकों और शहर की गणमान्य हस्तियों ने एकजुट होकर समर्थन जताया। उपस्थित लोगों ने अशोक गोयल के लंबे अनुभव, कार्यशैली और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें चुनाव में पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया।

आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के चेयरमैन प्रवीण गर्ग ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव में अशोक गोयल लगातार नौवीं बार चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। करीब 32 वर्षों तक सीनेट सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अशोक गोयल ने विश्वविद्यालय प्रशासन, उच्च शिक्षा, शैक्षणिक विकास, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के हित, कर्मचारियों के कल्याण तथा संबद्ध कॉलेजों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया है। उन्होंने कहा कि अशोक गोयल सुपुत्र स्व. हेमराज गोयल गांधीवादी विचारों और समाजसेवा की प्रेरणा से ओत-प्रोत हैं। मूल रूप से मोगा निवासी अशोक गोयल ने प्रारंभिक शिक्षा सनातन धर्म सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोगा से तथा स्नातक की डिग्री डी.एम. कॉलेज, मोगा से प्राप्त की। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी एवं राष्ट्रीय स्तर के बैंक नेता के रूप में सेवा देने के बाद वे वर्ष 1992 से लगातार पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के सदस्य निर्वाचित होते आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि पिछले करीब 34 वर्षों में अशोक गोयल ने पंजाब के साथ-साथ विशेष रूप से मोगा के विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय संबंधी कार्यों को पूरी निष्ठा, विनम्रता और समर्पण के साथ करवाने का प्रयास किया है। राजनीति से दूर रहकर उन्होंने सेवा को ही अपना धर्म माना। यही कारण है कि मोगा के निवासी उनके कार्यों की दिल से सराहना करते हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव 2026 में रजिस्टर्ड ग्रेजुएट कांस्टीच्यूएंसी से अशोक गोयल नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव 20 सितंबर 2026 को होगा। मोगा वासियों को गर्व है कि उन्होंने अपने कार्यों से न केवल मोगा शहर बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनके छोटे भाई डॉ. संजीव गोयल, रजिस्ट्रार, बोर्ड ऑफ आयुर्वेद एवं यूनानी पंजाब तथा रजिस्ट्रार, गुरु रविदास आयुर्वेद विश्वविद्यालय होशियारपुर भी समाजसेवा के इसी मार्ग पर कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर अशोक गोयल ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि देश की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, शैक्षणिक गुणवत्ता और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपने पिछले कार्यकालों के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और संबद्ध कॉलेजों के हितों को सदैव प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वह इससे पहले करीब आठ बार पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट में सदस्य के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों और कॉलेजों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विश्वविद्यालय स्तर पर उठाने तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए। यदि लोगों को लगता है कि वह भविष्य में भी प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम हैं तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अपना वोट और समर्थन देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट विश्वविद्यालय की प्रमुख वैधानिक संस्थाओं में से एक है। विश्वविद्यालय के प्रशासन, शैक्षणिक व्यवस्था, नीतिगत मामलों और विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों में इसकी अहम भूमिका होती है। सीनेट में चुने गए सदस्य शिक्षकों, कॉलेजों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों से जुड़े मुद्दों को व्यापक मंच पर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि सीनेट चुनाव के माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिनिधित्व तय होता है। इसलिए मतदाताओं को उम्मीदवार के व्यक्तिगत संबंधों के बजाय उसके अनुभव, कार्यक्षमता, उपलब्धियों और विश्वविद्यालय के हित में कार्य करने की क्षमता को आधार बनाकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए सीनेट सदस्य का पद केवल चुनाव जीतने या किसी पद पर रहने तक सीमित नहीं रहा। उनका प्रयास हमेशा रहा है कि कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनके पास आए तो उसकी बात को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित स्तर पर समाधान करवाने का प्रयास किया जाए।