दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या, नोएडा के फ्लैट में फंदे से लटका मिला शव

Published on 8 सित॰ 2026

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या, नोएडा के फ्लैट में फंदे से लटका मिला शव

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता का निधन आत्महत्या से हुआ है. 75 वर्षीय राकेश मेहता का शव नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्र विहार-2 सोसायटी के उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिला.

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता का निधन आत्महत्या से हुआ है. 75 वर्षीय राकेश मेहता का शव नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्र विहार-2 सोसायटी के उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिला.

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rakesh mehta

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता का निधन आत्महत्या से हुआ है. 75 वर्षीय राकेश मेहता का शव नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्र विहार-2 सोसायटी के उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिला. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस को फ्लैट से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख होने की बात सामने आई है. हालांकि, पुलिस नोट और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रही है.

पत्नी के फोन करने पर हुआ घटना का पता

जानकारी के मुताबिक, राकेश मेहता की पत्नी सुमंती मेहता भी सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं. वह कुछ समय से अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं. शनिवार को उन्होंने अपने पति से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला.

लगातार संपर्क नहीं होने पर सुमंती मेहता को किसी अनहोनी की आशंका हुई. इसके बाद वह देहरादून से नोएडा स्थित अपने घर वापस लौट आईं. फ्लैट पर पहुंचने के बाद भी जब स्थिति सामान्य नहीं लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी.

अंदर से बंद था दरवाजा, पुलिस ने तोड़ा

पुलिस के पहुंचने पर फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी प्रयास के बावजूद दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया. फ्लैट के भीतर राकेश मेहता फंदे से लटके हुए मिले.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, नोट में मानसिक तनाव के साथ कुछ शारीरिक बीमारियों का जिक्र किया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नोट वास्तव में राकेश मेहता ने ही लिखा था या नहीं.

तीन दशक से ज्यादा का रहा प्रशासनिक सफर

राकेश मेहता का प्रशासनिक करियर तीन दशकों से अधिक लंबा रहा. उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर निगम समेत कई महत्वपूर्ण संस्थानों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं. वर्ष 2007 में उन्हें दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया गया था. नवंबर 2010 में वह प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए.

उनके लंबे कार्यकाल के दौरान दिल्ली के शहरी प्रशासन, परिवहन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका रही. वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं.

ब्लू लाइन बसों को हटाने की योजना में निभाई भूमिका

दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बदलाव से जुड़े फैसलों के लिए भी राकेश मेहता का नाम लिया जाता है. राजधानी में ब्लू लाइन बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और लो-फ्लोर बसों को बढ़ावा देने की योजना में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है.

उनके साथ काम कर चुके अधिकारी और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग उन्हें अनुभवी एवं कुशल प्रशासक के रूप में याद करते रहे हैं.

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

राकेश मेहता की मौत की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. सुसाइड नोट, घटनास्थल से मिले अन्य सुराग, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है. पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.

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