ईरान के बाद अब यमन भी सख्त, होर्मुज की तरह इस रूट को बंद करने की दी धमकी, आसमान छूएंगे तेल के दाम!

Published on 14 जुल॰ 2026

ईरान के बाद अब यमन भी सख्त, होर्मुज की तरह इस रूट को बंद करने की दी धमकी, आसमान छूएंगे तेल के दाम!

कच्चे तेल के दाम में बड़ा उछाल आ सकता है. इसकी वजह है कि यमन ने भी एक दूसरे मार्ग को बंद करने की धमकी दी है. अगर ये रास्ता बंद होता है ​तो भारत सहित पूरी दुनिया पर असर होगा.

कच्चे तेल के दाम में बड़ा उछाल आ सकता है. इसकी वजह है कि यमन ने भी एक दूसरे मार्ग को बंद करने की धमकी दी है. अगर ये रास्ता बंद होता है ​तो भारत सहित पूरी दुनिया पर असर होगा.

author-image

New Update

Japan and European Countries condemns blocking of Hormuz Strait

अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर शुरू हो चुकी है, इसके कारण स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों का आवागन रुक चुका है. जहाजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, या फिर रात के अंधेरे में अपनी आवाजाही कर रहे हैं. तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल का दाम बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहाजों से 20 फीसदी टैक्स वसूलने की बात कर रहे हैं. इससे अब तनाव गहराता जा रहा है. ​कच्चे तेल के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है. इस बीच यमन ने भी धमकी दी है ​​कि वह होर्मुज की तरह के एक अहम रास्ते को बंद कर देगा. इससे कच्चे तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं. ऐसे में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है. 

क्या है यमन की धमकी? 

यमन ने धमकी दी है कि वह रणनीतिक तौर पर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्‍य को बंद कर देगा. बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait) होर्मुज की तरह एक चेकपॉइट है. यह जलमार्ग लाल सागर (Red Sea) को अदन खाड़ी (Gulf of Aden) और हिंद महासागर से कनेक्ट करता है. 

अगर यह रास्ता बंद हो गया तो ग्लोबल शिपिंग का रास्ता रुक सकता है. कच्चे तेल के दाम आसमान छूने लगेंगे. भारत के व्यापार मार्गों पर असर हो सकता हे. यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरों के सदस्य मोहम्मद अल-फराह के अनुसार, अगर सऊदी अरब यमन के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को टारगेट करता है, तो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जाएगा. 

ये भी पढ़ें: ईरान के पास खत्म हो गई सेना? राष्ट्रपति ट्रंप ने किया चौंकाने वाला दावा

200 डॉलर तक जा सकते हैं तेल के दाम 

अल-फराह के हवाले से कहा कि अगर मौजूदा हालात बिगड़ते हैं तो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जाएगा. ऐसे में तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगे. यह एक भयानक झटका होगा. 

इस​लिए खास है यह समुद्री मार्ग  

बाब अल-मंडेब, अरब प्रायद्वीप और अफ्रीका के हॉर्न के बीच एक अहम रणनीतिक समुद्री मार्ग बताया जाता है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से कनेक्ट करता है. यह दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग में से एक है. यह रास्‍ता स्‍वेज नहर के साउथ एंट्री गेट के तौर पर काम करता है. यह ग्‍लोबल समुद्री व्‍यापार का करीब 10 से 12  फीसदी भाग है. इसमें ग्‍लोबल एनर्जी शिपमेंट का एक खास भाग है. 

भारत के लिए क्यो है अहम? 

होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद, भारत कच्चे तेल और LNG के आयात को लेकर पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कुछ भागों पर आश्रित है. निर्यात को लेकर यह मार्ग काफी अहम है. यहां से प्राइवेट और पब्लिक भारतीय रिफाइनर्स के जहाज नियमित रूप से गुजरते हैं. भारत के करीब 95 प्रतिशत का संचालन समुद्र के रास्ते होता है. ऐसे में बाब अल-मंडेब यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तरी अफ्रीका को निर्यात के लिए एक अहम एंट्री माना जाता है. स्वेज नहर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य मिलकर भारत के कुल विदेशी व्यापार का करीब 35 प्रतिशत आसान बनाते हैं. 

यहां से वस्त्र, परिधान, दवाइयां, मशीनरी और बासमती चावल जैसे उत्पाद निर्यात होता है. ये सब इसी मार्ग से होकर गुजरता है. यूरोप को निर्यात होने वाले भारतीय माल का करीब  80 प्रतिशत भाग लाल सागर क्षेत्र से होकर निकलता है. 

ये भी पढ़ें: बलूचिस्तान ने खुद को बताया आजाद! वायरल दावे से पाकिस्तान में हलचल, लेकिन सच क्या है?

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें