सिंधु जल संधि को लेकर भारत के फैसले के बाद अब पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने पानी के रास्ते हमले की तैयारी शुरू कर दी है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, लश्कर अपने आतंकियों को जलमार्ग से ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग दे रहा है और इसके लिए पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मंगला डैम इलाके का इस्तेमाल किया जा रहा है.
खुफिया इनपुट के अनुसार, लश्कर के वरिष्ठ कमांडर हारिस दार ने एक ट्रेनिंग कैंप में आतंकियों को संबोधित करते हुए पानी से जुड़े ऑपरेशन की तैयारी का जिक्र किया. उसने कहा कि 10 दिन का बेसिक कोर्स पूरा हो चुका है और अब मंगला डैम में आगे की ट्रेनिंग शुरू होगी. हारिस दार ने आतंकियों से कहा, “अब असली काम शुरू होगा. हमने पानी को लेकर तैयारी कर ली है. और पानी को लेकर हमारा मुद्दा भारत के साथ है.” उसने यह भी दावा किया कि 2026 में पाकिस्तान पानी के मुद्दे पर कुछ कर सकता है.
पानी के रास्ते घुसपैठ और हमले की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियां इन बयानों को गंभीरता से ले रही हैं. एजेंसियों का मानना है कि लश्कर अब पारंपरिक घुसपैठ के साथ-साथ पानी के रास्ते घुसपैठ और हमले की रणनीति पर काम कर सकता है. मंगला डैम का नाम इससे पहले भी आतंकी गतिविधियों को लेकर सामने आ चुका है. 26/11 मुंबई हमले की साजिश में शामिल आतंकियों को भी इसी इलाके में ट्रेनिंग मिलने की बात जांच एजेंसियों के सामने आई थी.
आतंकी कैंपों, जलमार्गों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद कसूरी के भी इसी ट्रेनिंग हब में देखे जाने की जानकारी सामने आई है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि लश्कर अपने पुराने नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है. भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब सीमा पार आतंकी कैंपों, जलमार्गों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. खासकर सिंधु जल संधि से जुड़े तनाव के बीच पानी को लेकर दिए जा रहे आतंकी संगठनों के बयानों को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

रमन सैनी
रमन सैनी एक वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में स्पेशल रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले इंडिया डेली लाइव में जम्मू कश्मीर ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. रमन सैनी ने अपने करियर के 15 वर्ष इंडिया टीवी के साथ बिताए. इसके बाद उन्होंने इंडिया डेली लाइव जॉइन किया, जहां से जम्मू कश्मीर की अहम रिपोर्टिंग का नेतृत्व किया. उनकी पत्रकारिता का मुख्य फोकस संघर्ष क्षेत्र, आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रहा है. रमन सैनी ने आतंकवाद, सीमा पार घुसपैठ और लगातार होने वाली क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन हमला, दीनानगर पुलिस स्टेशन हमला जैसे बड़े आतंकी मामलों की कवरेज के अलावा उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों को भी कवर किया है.
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