मोल्दोवा से भारत लाया गया वांछित भगोड़ा अमृतपाल सिंह, डबल मर्डर समेत कई गंभीर मामलों में था आरोपी
CBI के मुताबिक अमृतपाल सिंह को 12 सितंबर 2026 को मोल्दोवा से भारत लाया गया. वह पंजाब में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था.
CBI के मुताबिक अमृतपाल सिंह को 12 सितंबर 2026 को मोल्दोवा से भारत लाया गया. वह पंजाब में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था.
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इंटरपोल चैनल के जरिए मोल्दोवा से वांछित भगोड़े अमृतपाल सिंह उर्फ गुरपाल सिंह के भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कराई है. CBI के मुताबिक अमृतपाल सिंह को 12 सितंबर 2026 को मोल्दोवा से भारत लाया गया. वह पंजाब में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था.
अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में डबल मर्डर, फायरआर्म्स के इस्तेमाल, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं. इसके अलावा उसके आपराधिक रिकॉर्ड में जालसाजी और धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल तथा पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन से जुड़े अपराध भी शामिल हैं.
पंजाब पुलिस के अनुरोध पर जारी हुआ था रेड नोटिस
पंजाब पुलिस के अनुरोध पर CBI ने इंटरपोल चैनल के माध्यम से अमृतपाल सिंह के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था. इसके बाद उसकी लोकेशन मोल्दोवा में ट्रेस की गई और वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद CBI ने मोल्दोवा के संबंधित अधिकारियों के समक्ष अमृतपाल सिंह के प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा. निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोल्दोवा के अधिकारियों ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी.
चार सदस्यीय पंजाब पुलिस टीम मोल्दोवा गई
अमृतपाल सिंह को भारत वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ पहुंची. पंजाब पुलिस की टीम अमृतपाल सिंह को अपने साथ लेकर 12 सितंबर को दिल्ली पहुंची.
CBI के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और पंजाब पुलिस के साथ समन्वय किया गया. CBI भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में काम करती है और देश की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ इंटरपोल चैनल के जरिए समन्वय करती है.
BHARATPOL के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में तेजी
CBI के अनुसार, भारत में विभिन्न जांच और कानून प्रवर्तन एजेंसियां BHARATPOL के माध्यम से इंटरपोल चैनलों पर सहायता प्राप्त कर सकती हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार आरोपियों की लोकेशन पता लगाने, उनकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में यह समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. CBI के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से समन्वित कार्रवाई के जरिए 175 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया जा चुका है.