'इसने दिखा दिया जिम्मेदारी किसे कहते हैं', जमुई कांड के बाद लड़की के दोस्त की क्यों हो रही है तारीफ?

Published on 22 सित॰ 2026

'इसने दिखा दिया जिम्मेदारी किसे कहते हैं', जमुई कांड के बाद लड़की के दोस्त की क्यों हो रही है तारीफ?

Time Published: Tuesday, September 22, 2026, 16:40 [IST]

बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने देशभर में लोगों का ध्यान खींचा। लेकिन इसी घटना में मौजूद एक नाबालिग लड़के के व्यवहार की भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। लड़का अपनी सहपाठी और दोस्त को अकेला छोड़कर भागा नहीं।

वीडियो में वह आरोपियों के बीच अपनी दोस्त तक पहुंचने और उसे छुड़ाने की कोशिश करता दिख रहा है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोग उसकी हिम्मत और दोस्त के साथ खड़े रहने की तारीफ कर रहे हैं।

Jamui Kand Jamui Viral Video

जब मुश्किल आई तो दोस्त को अकेला नहीं छोड़ा

19 सितंबर की शाम दोनों नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे। इसके बाद वे जमुई की मड़वा पहाड़ी की तरफ गए थे। लौटते समय रास्ते में कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों को घेरा गया। लड़के के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। छात्रा के साथ भी कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकतें की गईं। पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गया।

वीडियो में लड़का अपनी दोस्त को आरोपियों के बीच से निकालने की कोशिश करता नजर आता है। जब एक आरोपी छात्रा को पकड़ता है, तब लड़का उसके पास पहुंचता है। दोनों के बीच खींचतान होती है। लड़का किसी तरह अपनी दोस्त को छुड़ाने की कोशिश करता है। यही हिस्सा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर इस लड़के को लेकर लिख रहे हैं, "मुश्किल वक्त में भाग जाना आसान होता है, लेकिन उसने अपनी दोस्त को अकेला नहीं छोड़ा। उसने दिखाया कि किसी अपने के साथ खड़े रहने का मतलब क्या होता है।" यहां यह भी समझना जरूरी है कि दोनों खुद नाबालिग थे और उनके सामने कई लोगों की भीड़ थी। इसलिए घटना के दौरान लड़के की प्रतिक्रिया को उसी संदर्भ में देखना चाहिए।

करीब एक घंटे तक चलता रहा पूरा घटनाक्रम

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों बच्चों को काफी देर तक रोका गया। वे वहां से निकलने की कोशिश करते रहे। वीडियो में छात्रा आरोपियों से उन्हें जाने देने की अपील करती दिखाई देती है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और पीड़ित बच्चों से भी जानकारी ली।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद जमुई पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई शुरू की गई। बिहार पुलिस ने कई अकाउंट्स को नोटिस भेजे हैं।

नंदन यादव का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली

मामले में अब पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान नंदन ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान मुठभेड़ हुई और उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

नंदन वही आरोपी बताया जा रहा है, जो वायरल वीडियो में छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत करता नजर आता है। पुलिस अब मामले में शामिल बाकी लोगों की भूमिका भी जांच रही है। दूसरे आरोपी हरे राम को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके जंगल वाले इलाके में छिपे होने की बात सामने आई। पुलिस से बचकर भागते वक्त गिरने से उसके पैर में चोट लगी और पैर टूटने की सूचना है। उसे भी जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कितने आरोपी पकड़े गए, सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई

मामले में पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद की कार्रवाई में नंदन यादव और हरे राम समेत अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। पुलिस वीडियो के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस ने वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई शुरू की है। एक आरोपी की पहचान रामाशीष चौधरी के तौर पर हुई है। बिहार पुलिस ने इस मामले में एसआईटी भी बनाई है। केस में पॉक्सो एक्ट समेत दूसरी संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई चल रही है।

जमुई कांड पर सियासत भी तेज

घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। राहुल गांधी ने घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा,

"अगर शाम के वक्त भी किसी लड़की की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो बिहार सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।"

तेजस्वी यादव ने घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा और इसे बिहार के लिए शर्मनाक बताया। वहीं, जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सरकार संवेदनशील है और कार्रवाई करती है। उन्होंने 2005 से पहले के बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी हवाला दिया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा,

"अगर आप आरोपियों को अपना भाई बताते हैं, तो उन्हें समझाइए कि कानून किसी को नहीं छोड़ेगा।"

भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने भी घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा,

"एक बेटी के साथ ऐसी हरकत बेहद दुखद है। आरोपी कितना भी प्रभावशाली हो, उसे कानून का सामना करना चाहिए।"

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि दोनों पीड़ित नाबालिग हैं। इसलिए उनकी पहचान और निजी जानकारी को सार्वजनिक करने से बचना भी उतना ही जरूरी है जितना आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई।