राजस्थान: किसान मुद्दों को लेकर नरेश मीणा की ‘किसान हुंकार’ बाइक रैली, बारां कलेक्ट्रेट के लिए निकले समर्थक

Published on 3 अक्टू॰ 2026

झालावाड़ जिले में किसान मुद्दों को लेकर शुक्रवार को कामखेड़ा बालाजी मंदिर परिसर से हुंकार बाइक रैली निकाली गई। प्रदेश भर में चर्चित नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में शुरू हुई रैली कामखेड़ा बालाजी से रवाना होकर बारां जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर बढ़ी। रैली में बड़ी संख्या में किसान और समर्थक बाइक व निजी वाहनों के साथ शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार, रैली सुबह करीब 9:35 बजे कामखेड़ा बालाजी मंदिर परिसर से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई। इसके बाद रैली झालावाड़ जिले के सुलिया जागीर, बड़बद और पतलोन होते हुए आगे बढ़ी। करीब 10 बजे रैली ने झालावाड़ जिले की सीमा पार कर बारां जिले के हरनावदा शाहजी थाना क्षेत्र में प्रवेश किया।

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50-60 बाइक और निजी वाहन शामिल
जानकारी के मुताबिक, रैली में करीब 50 से 60 बाइक और 5 से 6 निजी चार पहिया वाहन शामिल रहे। इनमें करीब 150 से 200 लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। रैली में बारां नगर परिषद के सभापति के प्रतिनिधि कमल राठौर और किशनगंज के पूर्व प्रधान संदीप शर्मा सहित अन्य लोग भी शामिल रहे। रैली के बारां जिले में प्रवेश के बाद इसका अगला पड़ाव बारां कलेक्ट्रेट कार्यालय निर्धारित बताया गया है। किसान नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली के जरिए किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी है। किसानों की खाद जैसी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया है।

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पुलिस ने की निगरानी
रैली के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से भी निगरानी रखी गई। कामखेड़ा थाना क्षेत्र से रैली के रवाना होने से लेकर बारां जिले की सीमा में प्रवेश करने तक पुलिस ने इसकी गतिविधियों पर नजर रखी। रैली में शामिल वाहनों और लोगों की संख्या को लेकर पुलिस की ओर से जानकारी दर्ज की गई। किसान हुंकार रैली के बारां कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद किसानों की ओर से अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने की संभावना है। रैली के माध्यम से किसान नेताओं द्वारा अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है। रैली में स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं की मौजूदगी के चलते इसे क्षेत्र में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक राजनीतिक-सामाजिक गतिविधि के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, रैली के आयोजकों की ओर से रखी जाने वाली मांगों और कलेक्ट्रेट में दिए जाने वाले ज्ञापन की जानकारी सामने आने के बाद ही इसके प्रमुख मुद्दे स्पष्ट होंगे।



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थप्पड़ कांड के बाद चर्चा में आए थे नरेश मीणा
गौरतलब है कि नरेश मीणा पूर्व में चुनाव के दौरान हुए थप्पड़ कांड के बाद चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया। इनमें झालावाड़ जिले में पीपलोदी स्कूल हादसे के बाद झालावाड़ अस्पताल में धरना-प्रदर्शन भी शामिल है। इस दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि थप्पड़ कांड के मामले में उन्हें हाल ही में जमानत मिली है।