फ्लाईदुबई  की उस फ्लाइट में कौन थे दो अन्य पायलट, जिन्होंने हमले के बाद संभाली थी विमान की कमान

Published on 4 अक्टू॰ 2026

फ्लाईदुबई  की उस फ्लाइट में कौन थे दो अन्य पायलट, जिन्होंने हमले के बाद संभाली थी विमान की कमान

Flydubai Flight Hijack: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमला होने के बाद विमान की कमान किसने संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब में कैसे लैंड कराया गया. इस बारे में नई जानकारी सामने आई है.

Flydubai Flight Hijack: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमला होने के बाद विमान की कमान किसने संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब में कैसे लैंड कराया गया. इस बारे में नई जानकारी सामने आई है.

author-image

New Update

Flydubai Flight AI Image

फ्लाईदुबई की फ्लाइट को ऐसे किया गया था लैंड Photograph: (AI)

Flydubai Flight Hijack: फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने 30 सितंबर को कैप्टन पर हमला कर विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की. इस विमान में कुल 180 लोग सवार थे लेकिन हमले के बाद विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाल ली और सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग कराई. इन दो पायलटों की वजह से एक बड़ी घटना टल गई. हालांकि, इस घटना के तीन दिन बाद भी इन दोनों पायलटों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. एयरलाइन ने सिर्फ इतना ही कहा है कि दोनों पायलट उसके ही क्रू का हिस्सा थे और उस समय यात्री के तौर पर विमान में मौजूद थे.

विमान में क्यों मौजूद थे दो अतिरिक्त पायलट?

विमान में मौजूद यात्री डैनियल श्लिच्टर ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हमले के समय उन दोनों पायलटों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई. उनके मुताबिक, दोनों पायलटों को विमान को तेल अवीव से वापस दुबई ले जाना था. इसी वजह से वे उसी उड़ान में यात्री के रूप में सफर कर रहे थे. बता दें कि एविएशन इंडस्ट्री में जब किसी एयरलाइन का क्रू सदस्य ड्यूटी के सिलसिले में यात्री बनकर यात्रा करता है, तो इसे आम तौर पर 'डेडहेडिंग' कहा जाता है. यानी उड़ान के उस चरण में वे ड्यूटी पर मौजूद पायलट नहीं थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनकी विशेषज्ञता काम आ सकती थी.

कॉकपिट में अचानक मच गया हंगामा

श्लिच्टर के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट की तरफ से चीखने की आवाजें आने लगीं. यात्रियों को बाद में पता चला कि को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था. स्थिति इतनी गंभीर थी कि कॉकपिट के अंदर खून फैल गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद एक यात्री ने कथित हमलावर हमाम अल-हमामी को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींचने में मदद की. कुछ अन्य यात्रियों ने भी उसे काबू करने की कोशिश की. इसी अफरा-तफरी के बीच विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों में से एक तुरंत कॉकपिट की ओर बढ़ा.

भीड़ के बीच से कॉकपिट तक पहुंचा विमान में मौजूद पायलट

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों में से एक तेजी से आगे बढ़ा और वहां मौजूद लोगों के बीच से निकलकर पायलट की सीट तक पहुंच गया. इसके बाद उसने विमान का नियंत्रण संभाल लिया. कुछ ही देर में दूसरा अतिरिक्त पायलट भी कॉकपिट में पहुंच गया. दोनों ने दरवाजा बंद किया और विमान को स्थिर करने की कोशिश शुरू कर दी.

श्लिच्टर ने इस पायलट के फैसले और प्रतिक्रिया की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह उसने संकट के बीच तुरंत विमान की कमान संभाली, उससे ऐसा लगा जैसे उसे पूरी स्थिति का अंदाजा था और वह जानता था कि आगे क्या करना है.

विमान को स्थिर करने में लगा काफी समय

हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था. रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विमान का रडार क्षतिग्रस्त हो गया था. ऐसी स्थिति में विमान को नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है. श्लिच्टर के मुताबिक, अतिरिक्त पायलटों को विमान को दोबारा नियंत्रण में लाने में करीब 10 मिनट या उससे भी ज्यादा समय लगा. इस दौरान केबिन में बैठे यात्रियों को यह जानकारी नहीं थी कि कॉकपिट के अंदर क्या चल रहा है. स्थिति संभलने के बाद आपातकालीन 'मेडे' कॉल की गई और विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त एयरपोर्ट तलाशा गया.

यात्रियों को लगा हाईजैक हो गया विमान

विमान को नियंत्रण में लेने के बाद भी यात्रियों को तुरंत स्थिति की जानकारी नहीं दी गई. इससे केबिन में बेचैनी और डर बढ़ता गया. श्लिच्टर ने बताया कि कुछ यात्रियों को आशंका होने लगी कि कहीं विमान को हाईजैक करके ईरान की दिशा में तो नहीं ले जाया जा रहा. यह डर इसलिए भी बढ़ा क्योंकि विमान उस क्षेत्र से बहुत दूर नहीं था. करीब 45 मिनट बाद पायलटों ने यात्रियों से संपर्क किया. उन्हें बताया गया कि विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा जाएगा और स्थिति नियंत्रण में है. इसके बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली और विमान ने सुरक्षित रूप से तबुक में लैंडिंग की.

ये भी पढ़ें: Explainer: फ्लाईदुबई विमान में हमला या साजिश? 67 मिनट में सोशल मीडिया पर कैसे फैल गया ‘फॉल्स फ्लैग’ दावा

कैप्टन स्मित मच्छार की भी हुई तारीफ

इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की जमकर तारीफ हुई. क्योंकि घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अन्य लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका दिया, जिससे हमलावर को काबू करने और विमान का नियंत्रण वापस लेने का रास्ता बना. घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय पायलट से बातचीत की और उनके साहस की सराहना की.

ये भी पढ़ें: सीरिया कनेक्शन, अल-कायदा की विचारधारा... कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट का किया गया था ब्रेनवॉश