भारतीय खिलौनों की दुनिया में बढ़ी डिमांड, ग्लोबल बाजार में ये है सबसे बड़ी चुनौती

Published on 8 अक्टू॰ 2026

भारतीय खिलौनों की दुनिया में बढ़ी डिमांड, ग्लोबल बाजार में ये है सबसे बड़ी चुनौती

भारत में बने खिलौने (फाइल फोटो)Image Credit source: tv9gujarati

भारत के खिलौना निर्माताओं में विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है. हालांकि, इस बढ़ती दिलचस्पी को बड़े एक्सपोर्ट ऑर्डर में बदलने के लिए भारतीय कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी. यह कहना है जर्मनी बेस्ड कोऑपरेटिव ट्रेड फेयर ऑर्गनाइजर Spielwarenmesse eG के एग्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर क्रिश्चियन उलरिख का. क्रिश्चियन ने कहा कि खासतौर पर छोटी कंपनियों के सामने बड़े ऑर्डर को समय पर पूरा करने की क्षमता एक बड़ी चुनौती है.

क्रिश्चियन ने बताया कि जर्मनी के नूर्नबर्ग में होने वाले बड़े टॉय ट्रेड फेयर में भारतीय कंपनियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. अगले संस्करण में भारत की करीब 50 से 60 कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है. उनके मुताबिक, इससे पता चलता है कि दुनिया की कंपनियां भारत को खिलौनों की सोर्सिंग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देख रही हैं. हालांकि, केवल विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ना पर्याप्त नहीं है. बड़े रिटेलर यह भी देखना चाहते हैं कि कोई भारतीय कंपनी लगातार बड़ी मात्रा में खिलौनों की सप्लाई कर सकती है या नहीं. इसके साथ ही गुणवत्ता में भी किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए.

खरीदारों को भरोसेमंद सप्लायर की जरूरत

क्रिश्चियन उलरिख ने कहा कि बड़े खरीदार खासतौर पर ऐसे सप्लायर चाहते हैं, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके. उदाहरण के लिए Walmart जैसी बड़ी कंपनियों को अलग-अलग बाजारों के लिए बड़ी संख्या में उत्पादों की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में सप्लायर के पास बड़े ऑर्डर को पूरा करने के साथ तय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने की क्षमता होनी चाहिए.

प्रोडक्शन कैपेसिटी बड़ी चुनौती

Roedl के पार्टनर और इंडायरेक्ट टैक्स सर्विस के प्रमुख अतिश लड्डा ने भी उत्पादन क्षमता को भारतीय खिलौना उद्योग की बड़ी चुनौती बताया. उनके मुताबिक, देश में खिलौना बनाने वाली कंपनियों की बड़ी संख्या MSME यानी छोटे और मध्यम कारोबार से जुड़ी है. बड़ी कंपनियों की संख्या अभी कम है. लड्डा ने कहा कि किसी कंपनी के लिए अच्छी क्वालिटी और कम कीमत देना जरूरी है, लेकिन इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन क्षमता की होती है. अगर कोई कंपनी बड़े ऑर्डर के लिए तेजी से उत्पादन नहीं बढ़ा पाती, तो वह विदेशी ऑर्डर खो सकती है.

ऐसे में भारतीय खिलौना कंपनियों को ग्लोबल बाजार में बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए उत्पादन क्षमता, सप्लाई नेटवर्क और लगातार एक जैसी गुणवत्ता पर निवेश करना होगा. विदेशी कंपनियों के बड़े और बार-बार मिलने वाले ऑर्डर को पूरा करने के लिए छोटे कारोबारों को अपने स्तर को बढ़ाना जरूरी होगा.

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महेंद्र भार्गव

महेंद्र भार्गव

महेंद्र भार्गव एक अनुभवी बिजनेस और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो 2018 से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. वर्तमान में महेंद्र TV9 Bharatvarsh के साथ जुड़े हुए हैं, जहां बिजनेस और ऑटोमोबाइल से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट्स, रिव्यू, एक्सक्लूसिव स्टोरीज़ और इन-डेप्थ एनालिसिस पर काम कर रहे हैं. ऑटोमोबाइल और बिजनेस सेगमेंट में 5+ सालों के अनुभव के साथ, Mahendra ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. महेंद्र नवदुनिया (दैनिक जागरण ग्रुप) अखबार से रिपोर्टर के तौर पर शुरुआत की. आगे ETV Bharat, Dainik Bhaskar, News18 और Zee News में उन्होंने डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में कई भूमिकाओं में काम किया.

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