मास्टर प्लान सिर्फ खाका: अब इलाकेवार प्लान - एमपी नगर-मेट्रो रूट पर ऊंची इमारतें, शिवाजी नगर में हरियाली बचाते हुए विकास - Bhopal News

Published on 13 अक्टू॰ 2026
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मास्टर प्लान सिर्फ खाका:अब इलाकेवार प्लान - एमपी नगर-मेट्रो रूट पर ऊंची इमारतें, शिवाजी नगर में हरियाली बचाते हुए विकास

भोपाल41 मिनट पहलेलेखक: मनोज जोशी

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भोपाल में विकास के लिए अब हर इलाके में एक जैसे नियम नहीं होंगे। मास्टर प्लान-2047 शहर के विकास की दिशा तय करेगा, लेकिन पहले से विकसित इलाकों में असली बदलाव लोकल एरिया प्लान (लैप) से होगा। ड्राफ्ट में शहर की जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग विकास मॉडल बताए हैं।

एमपी नगर में ज्यादा एफएआर देकर पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता खुलेगा तो शिवाजी नगर-तुलसी नगर में हरियाली बचाकर चुनिंदा निर्माण का मॉडल और मेट्रो के दोनों ओर ज्यादा घनत्व वाला विकास प्रस्तावित है।

न्यू मार्केट में बाजार व पार्किंग सुधारने, अचारपुरा में लॉजिस्टिक्स सुविधाएं बढ़ाने और झुग्गी क्षेत्रों में उसी जगह बहुमंजिला पुनर्वास का मॉडल है। हालांकि, वास्तविक बदलाव विस्तृत योजनाओं और मंजूरियों के बाद ही होंगे।

ड्राफ्ट में इलाकों की जरूरतों के हिसाब से 6 अलग-अलग विकास मॉडल...

लैप के आधार पर इन तीन इलाकों में तय होगा विकास...

1. एमपी नगर: ज्यादा FAR, लेकिन पार्किंग-सड़कें भी सुधारनी होंगी 1980 के दशक में विकसित यह क्षेत्र पार्किंग, ट्रैफिक, सीवेज-ड्रेनेज की समस्याओं से जूझ रहा है। ड्राफ्ट में इसे कमर्शियल मिक्स्ड यूज-1 (सीएमयू-1) में रखा है। टाउन प्लानर्स के अनुसार, अतिरिक्त निर्माण के लिए 50% प्रीमियम एफएआर और 50% टीडीआर का मॉडल अपनाया जा सकता है। छोटे प्लॉट जोड़ने, सड़कें सुधारने व पार्किंग बढ़ाने पर भी काम करना होगा।

2. शिवाजी नगर : 29 हजार पेड़ों के बीच चुनिंदा हाई-डेंसिटी... शिवाजी नगर-तुलसी नगर को स्पेशल प्लानिंग जोन-1 में रखा है। यहां करीब 29 हजार पेड़ हैं। विशेषज्ञ कहते हैं-पूरे क्षेत्र को तोड़ने के बजाय हरियाली बचाते हुए चुनिंदा भूखंडों पर अधिक निर्माण व्यावहारिक होगा।

3. मेट्रो कॉरिडोर : दोनों ओर 500 मीटर में ज्यादा निर्माण... मेट्रो के दोनों ओर 500-500 मीटर तक टीओडी प्रस्तावित है। यहां ज्यादा घनत्व व प्रीमियम FAR का प्रावधान है। विस्तृत प्लान में स्टेशन तक पहुंच, पाथ वे, पार्किंग, रोड नेटवर्क और प्लॉट एकीकरण व्यवस्था तय होगी।

लैप के बाहर तीन अलग मॉडल

4. न्यू मार्केट : सीएमयू-2 क्षेत्र में पैदल रास्ते, बहुस्तरीय या भूमिगत पार्किंग और सर्विस लेन सुधारने की जरूरत है। वहीं परवलिया सड़क-अरवलिया में सीएमयू-3 के तहत नए कमर्शियल क्षेत्र विकसित होंगे। 5. अचारपुरा : लॉजिस्टिक्स, थोक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में गोदाम, ट्रक टर्मिनल, बड़ी पार्किंग, चौड़ी आंतरिक रोड पर जोर। 6. झुग्गी क्षेत्र : सुभाष नगर, इतवारा और रेल लाइन से जुड़े झुग्गी क्षेत्रों में लोगों को बाहर भेजने के बजाय वहीं पर बहुमंजिला आवास बनाकर पुनर्वास का मॉडल है।

लैप है क्या, इसे कौन बनाएगा...

लोकल एरिया प्लान (लैप) किसी खास इलाके में प्लॉट स्तर तक सड़क, पार्किंग, निर्माण क्षमता व बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत व्यवस्था तय करता है। जिस इलाके व भूमि का मामला होगा, उससे जुड़ी एजेंसी प्लान बनाएगी। विशेषज्ञों ने टीएंडसीपी, नगर निगम, बीडीए व राजस्व की संयुक्त टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया है।

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