बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों से डरे ऑपरेटर: खंडवा में एमपीईबी अफसरों से सुरक्षा मांगी, बोले- बिजली गई तो मारने की धमकी देते हैं - Khandwa News

Published on 13 अक्टू॰ 2026

बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बनती जा रही है।

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जावर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (डीसी) के अंतर्गत आने वाले छह ग्रिड के आउटसोर्स ऑपरेटरों ने मंगलवार को अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर जावर डीसी और वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों का कहना है कि, लोड मैनेजमेंट के तहत बिजली कटौती होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो जाते हैं। रात के समय 100 से 400 तक ग्रामीण ग्रिड का घेराव करने पहुंच जाते हैं और बिजली बंद होने पर ऑपरेटरों को मारने की धमकी देते हैं।

आउटसोर्स कर्मचारियों के मुताबिक, बिजली कटौती का निर्णय लोड मैनेजमेंट के तहत लिया जाता है। लेकिन इसका गुस्सा ग्रिड पर ड्यूटी करने वाले ऑपरेटरों को झेलना पड़ता है।

ग्रामीण बिजली गुल होने पर कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके साथ अभद्रता करते हैं और धमकियां देते हैं। ऐसे में रात की ड्यूटी करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।

कर्मचारियों ने आशंका जताई कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो किसी दिन उनके साथ मारपीट की घटना हो सकती है।

हर ग्रिड पर रात में नियमित कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की मांग

आउटसोर्स ऑपरेटरों ने अधिकारियों से मांग की है कि प्रत्येक ग्रिड पर रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान एक आउटसोर्स ऑपरेटर के साथ कम से कम एक नियमित कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उनका कहना है कि नियमित कर्मचारी की मौजूदगी से बिजली आपूर्ति और लोड मैनेजमेंट से जुड़ी परिस्थितियों में विभागीय स्तर पर सहयोग मिल सकेगा। साथ ही, ग्रामीणों के आक्रोशित होने की स्थिति में कर्मचारी अकेले नहीं रहेंगे।

ज्ञापन में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था करने, धमकी या अभद्रता की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने और रात की ड्यूटी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों ने अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।

इन छह ग्रिड के ऑपरेटरों ने सौंपा ज्ञापन

जावर डीसी के अंतर्गत आने वाले रनगांव, रोहिणी, सतवाड़ा, सिहाड़ा, सहेजला और जावर ग्रिड के आउटसोर्स ऑपरेटरों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली कटौती के दौरान ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करने के लिए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और विभागीय सहयोग मिलना जरूरी है।

ज्ञापन देने वालों में आउटसोर्स ऑपरेटर सुनील जगताप, संतोष कुमार, मुकेश कुमार, राकेश भदवाल, रोहित कटारे, सावन राजपूत, अजय पाल, शुभम यादव, सुनील चौहान और विशाल चौहान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।