त्योहारी सीजन में भारतीय परिवारों का बढ़ेगा खर्च, जानें क्या खरीदेंगे लोग - indian festive season spending urban families to spend 20000

Published on 14 अक्टू॰ 2026

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त्योहारी सीजन में भारतीय परिवारों का बढ़ेगा खर्च, जानें क्या खरीदेंगे लोग

त्योहारी सीजन में भारतीय शहरी परिवार औसतन 20,000 रुपये खर्च कर सकते हैं, जबकि ई-कॉमर्स कंपनियों ने शुरुआती दो दिनों में 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री की है।

त्योहारी सीजन में भारतीय परिवारों का बढ़ेगा खर्च।  (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

त्योहारी सीजन में भारतीय परिवारों का बढ़ेगा खर्च। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. शहरी परिवार त्योहारों पर औसतन 20,000 रुपये खर्च कर सकते हैं।

  2. ई-कॉमर्स ने शुरुआती दो दिनों में 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री की।

  3. 57% परिवार अतिरिक्त खरीदारी के लिए बचत का उपयोग करेंगे।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है तो ई-कॉमर्स कंपनियों के प्लेटफॉर्मों पर भी लोग जमकर खरीदारी में जुटे हैं। साल भर लोग इस त्योहारी सीजन का इंतजार इसलिए भी करते हैं कि इस दौरान तमाम कंपनियां भारी-भरकम छूट भी उपलब्ध कराती हैं।

तमाम वैश्विक उथल-पुथल और अनिश्चितताओं के बीच लोकल सर्किल्स के ‘मूड ऑफ द कंज्यूमर’ सर्वे बता रहा है कि इस त्योहारी सीजन में एक शहरी परिवार औसतन 20,000 की खरीदारी कर सकता है। त्योहारी सत्र की सेल के पहले दो दिन में अकेले ई-कॉमर्स कंपनियों ने ही करीब 24,000 करोड़ रुपये का सामान बेचा है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, 2026 में शहरी परिवारों की कुल खरीदारी करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये रह सकती है। हालांकि आरबीआई ने महंगाई का अनुमान 5.0% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया है और अनुमान है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महंगाई छह प्रतिशत के शिखर पर पहुंच सकती है। लेकिन महंगाई का कोई खास असर आमजन की खरीदारी पर पड़ता नजर नहीं आ रहा है।

अनुमान है कि त्योहार संबंधी खर्च पिछले साल की तुलना में इस बार छह प्रतिशत कम रहेगा। पिछली बार यह 2.10 लाख करोड़ रुपये था। वैसे देखा जाए तो बीते साल त्योहारों के मौसम की शुरुआत यानी 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी दरों में कटौती के साथ हुई थी। 2024 में यह खर्च 1.85 लाख करोड़ रुपये था।

57 प्रतिशत परिवारों की अतिरिक्त खरीदारी की योजना

सर्वे में देश के 307 जिलों के शहरी परिवारों से 67 हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसमें 57 प्रतिशत परिवारों ने त्योहारों पर नियमित घरेलू खर्च के अलावा खरीदारी करने की योजना बताई, जबकि 31 प्रतिशत परिवारों ने किसी भी तरह का अतिरिक्त खर्च नहीं करने की बात कही।

विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगाई, रोजगार को लेकर चिंता और कर्ज महंगा होने के कारण ऐसे लोग गैर-जरूरी खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं। करीब 18 प्रतिशत परिवार 10,000 रुपये से कम खर्च करेंगे। वहीं, 30 प्रतिशत परिवारों का बजट 10,000 से एक लाख रुपये के बीच रहने का अनुमान है। नौ प्रतिशत परिवार एक लाख रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बना रहे हैं।

कपड़े, घरेलू सामान और घूमने पर रहेगा फोकस

त्योहारी खरीदारी में कपड़े, जूते और फैशन उत्पाद सबसे आगे रहेंगे। सर्वे में यह सबसे लोकप्रिय श्रेणी रही। 72 प्रतिशत परिवारों ने इन वस्तुओं को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा 45 प्रतिशत परिवार घरेलू उपकरण और फर्नीचर खरीद सकते हैं। इतनी ही हिस्सेदारी छुट्टियों में घूमने-फिरने पर खर्च करने वालों की है।

करीब 39 प्रतिशत परिवार मिठाइयों, खास खाद्य पदार्थों और उपहारों पर खर्च करेंगे। वहीं, 22 प्रतिशत मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट खरीदने की योजना बना रहे हैं। इतनी ही हिस्सेदारी घर की मरम्मत और इंटीरियर पर खर्च करने वालों की है। वाहन खरीदने की योजना 10 प्रतिशत परिवारों ने बताई, जबकि केवल छह प्रतिशत परिवार आभूषण खरीदना चाहते हैं।

83% परिवार बचत से करेंगे खरीदारी

सर्वे का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि त्योहारों की खरीदारी के लिए ज्यादातर परिवार अपनी जमा पूंजी का इस्तेमाल करेंगे। खरीदारी करने की योजना बना रहे 83 प्रतिशत परिवार कुछ न कुछ रकम बचत से खर्च करेंगे। 34 प्रतिशत परिवार अपनी त्योहारी खरीदारी का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा बचत से जुटाएंगे। वहीं, 16 प्रतिशत परिवार पूरी खरीदारी अपनी बचत के सहारे करने की योजना बना रहे हैं।