Lucknow Shiva Sharma murder case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के शिवा मर्डर केस गुत्थी लगातार उलझती जा रही है. श्रद्धा दुबे नेपाल में बैठकर सोशल मीडिया में लगातार वीडियो पर वीडियो डाले जा रही है. इसमें खुद को बेकसूर और इस मर्डर को सुसाइड करार देने की कोशिश कर रही है. ऐसे हालात में पुलिस भी कंफ्यूज है कि इसे मर्डर माना जाए कि गैर इरादतन हत्या या सुसाइड. दरअसल मौके से मिले सबूत किसी हाल में घटना को सुसाइड बताने से इनकार कर रहे हैं.
मामले की जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिवा शर्मा जब श्रद्धा के फ्लैट से नीचे गिरा तो वह अंडरवीयर में था. श्रद्धा ने भी अपने वीडियो में माना है कि उसने शिवा को बालकनी से गिरते देखा था. ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है कि हादसे से ठीक पहले शिवा अंडरवीयर में क्यों था. अगला सवाल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से भी उठता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि शिवा का लीवर और फेफड़ा तक डैमेज था. इसके अलावा उसके गुप्तांगों पर भी चोट के निशान मिले हैं.
क्या है मौत की वजह?
पुलिस सूत्रों को शक है कि शिवा शर्मा की मौत बालकनी से गिरने से नहीं हुई, बल्कि गिरने के पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट कैसे आया, कहीं इस चोट का कनेक्शन लीवर और फेफड़ा डैमेज से तो नहीं है. इसके अलावा शिवा के शरीर पर जो अन्य 12 बाहरी चोट हैं, वो क्या मारपीट से आए या उनकी कोई और वजह है. बता दें कि घटना के वक्त श्रद्धा के फ्लैट में कुल चार लोग मौजूद थे. इनमें शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के अलावा श्रद्धा का ड्राइवर और बहन रश्मि. हालांकि श्रद्धा ने अपने वीडियो में दावा किया है कि रश्मि बाद में आई.
क्यों सरेंडर करना चाहती है श्रद्धा?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस प्रकार घटना के बाद श्रद्धा दुबे अपने फ्लैट से निकली और पुलिस की नाक के नीचे से निकलकर नेपाल पहुंच गई, माना जा रहा था कि वह दुबई भागने की तैयारी में थी. पुलिस को यहां तक इनपुट मिले थे कि एक रसूखदार व्यक्ति, जिसे श्रद्धा ‘सर’ कहकर संबोधित कर रही है, वो मदद कर रहा है. उसने वीजा तक का इंतजाम कर दिया था, लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि उसने हाथ खींच लिया और श्रद्धा का दुबई भागने का प्रोग्राम कैंसिल हो गया.
सामने आ रही नई पटकथा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक श्रद्धा ने वीडियो जारी कर सरेंडर की इच्छा जताई है. माना जा रहा है कि वह एकाध दिन में वह खुद लखनऊ आकर हजरतगंज थाने या कोर्ट में सरेंडर कर सकती है. इससे पहले उसने मामले को सुसाइड बताने की पूरी कोशिश की है. माना जा रहा है कि श्रद्धा ने यह फैसला लखनऊ में ही लिखी गई एक पटकथा के आधार पर लिया है. इसी पटकथा में रश्मि को बचाने की भी कहानी है. दावा किया जा रहा है कि इस पटकथा की पूरी कहानी वारदात के बाद श्रद्धा के फोन से हुए आखिरी कॉल और नेपाल से लखनऊ में किए एक गए एक दूसरे फोन कॉल पर लिखी गई.
क्या है शिवा शर्मा डेथ मिस्ट्री?
जानकारी के मुताबिक लखनऊ के करोड़पति कारोबारी 9 अक्टूबर की सुबह अपने घर से कैफे जाने के लिए निकले, लेकिन बीच रास्ते में ही उनकी गाड़ी घूम गई और थोड़ी ही देर में वह अपनी गर्लफ्रेंड श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर पहुंच गए. जहां दिन भर रहने के बाद देर शाम चौथी मंजिल से उनका शव सोसायटी में गिर पड़ा. घटना के बाद श्रद्धा दुबे का ड्राइवर दौड़ते हुए नीचे आया और शिवा को केजीएमयू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद से ही श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर और एक्स बॉयफ्रेंड फरार हैं.
नेपाल में स्पॉट हुए सभी
इसके बाद पुलिस ने इन सभी के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया. इसी बीच श्रद्धा, रश्मि, ड्राइवर और एक्स बॉयफ्रेंड को नेपाल में देखा गया है. बताया जा रहा है कि मुख्य शहर से हटकर ये सभी किसी छोटे शहर के होटल में रह रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इस होटल की बुकिंग भी भारत में बैठे किसी व्यक्ति ने कराई है.

सौरभ सिंह
सौरभ सिंह को सक्रिय पत्रकारिता में करीब 16 साल का अनुभव है. शुरूआती 13 साल तक प्रिंट मीडिया में नोएडा, गुरुग्राम, अलवर, धौलपुर, भरतपुर और गाजियाबाद में बतौर क्राइम रिपोर्टर काम किया. इस दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों पर भी लीक से हटकर काफी काम किया. अब करीब दो साल से डिजीटल पत्रकारिता में हैं. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से प्राचीन इतिहास और दर्शन शास्त्र से ग्रेजुएशन की और पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद कानून में स्नातक की उपाधि हासिल की. वह संस्कृत और संस्कृति में रुचि होने की वजह से उनकी भारतीय दर्शन, धर्म और अध्यात्म में भी गहरी पकड़ है. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ही पत्रकारिता में डिप्लोमा लेने के बाद साल 2007 में अमर उजाला के साथ कैरियर की शुरूआत की. साल 2010 में दैनिक भास्कर में सीनियर रिपोर्टर बने. इस दौरान अलवर सिटी चीफ और बाद में धौलपुर ब्यूरोचीफ की जिम्मेदारी निभाई. फिर साल 2015 में दिल्ली लौटकर लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े. साल 2022 तक इस कार्यकाल में साढ़े तीन साल गुरुग्राम और बाकी समय गाजियाबाद में क्राइम रिपोर्टिंग की. अब अगस्त 2022 से टीवी9 भारतवर्ष में बतौर चीफ सब एडिटर डिजिटल पत्रकारिता को समझने की कोशिश कर रहे हैं.
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