ईरान का बड़ा दावा: जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स और विमानों को किया तबाह, अमेरिका पर जवाबी हमले का आरोप - Haribhoomi

Published on 17 जुल॰ 2026

ईरान का बड़ा दावा: जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स और विमानों को किया तबाह, अमेरिका पर जवाबी हमले का आरोप

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी वायुसेना के कई लड़ाकू विमानों और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को नष्ट कर दिया है। जानें पूरी अपडेट।

Iran destroyed US fighter jets

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स और विमानों को किया तबाह

  • Published: 17 Jul 2026, 06:04 PM IST
  • Last Updated: 17 Jul 2026, 06:04 PM IST

Iran US conflict: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष और भी गंभीर होता दिख रहा है। ईरान ने शुक्रवार को दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सेना के कई रिफ्यूलिंग विमानों और फाइटर जेट्स को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए नष्ट कर दिया है। ईरान के अनुसार, इस हमले में बेस पर खड़े कई अन्य विमानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा रात भर किए गए हवाई हमलों का जवाब है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी हमलों में खुजेस्तान प्रांत के अलवाज में बच्चों का एक कैंसर अस्पताल पूरी तरह तबाह हो गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस घटना के बाद जॉर्डन के नागरिकों से अपने देश में मौजूद "आक्रामक और इस्लाम विरोधी" अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की अपील की है।

हालांकि, अमेरिकी सेना ने अभी तक इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

मध्य पूर्व में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से ईरान ने लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे पहले कुवैत, बहरीन और कतर स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं।

इसके अलावा, ईरान ने सीरिया में भी एक अमेरिकी बेस को निशाना बनाने का दावा किया है, हालांकि वाशिंगटन और सीरियाई सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

अमेरिका का रुख और सैन्य कार्रवाई
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि वे ईरान की सैन्य क्षमताओं को कम करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। CENTCOM ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर वे वाणिज्यिक शिपिंग पर हालिया हमलों के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि उनकी कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य ईरान की ड्रोन और मिसाइल सुविधाओं को बेअसर करना है। फिलहाल, मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और वे पूरी तरह सतर्क हैं।

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— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 17, 2026

ईरान में मानवीय संकट और चेतावनी
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग घायल हैं। तनाव के बीच, ईरान ने अपने नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की है, क्योंकि अमेरिकी हमलों में देश के पावर स्टेशनों को भी नुकसान पहुंचा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए पीक आवर के दौरान एक घंटे के लिए एयर कंडीशनर बंद रखें। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे चेतावनी देते हुए कहा है कि वे "कहीं भी सुरक्षित नहीं रहेंगे"।

शांति समझौता टूटा?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अमेरिका और ईरान ने पिछले ही हफ्ते एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन जिस तरह से दोनों देशों के बीच हमले जारी हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यह समझौता अब टूट चुका है और स्थिति और भी जटिल होती जा रही है।