कश्मीर: भद्रवाह में युवक की कथित हत्या पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती, 'मुसलमानों को निशाना...'

Published on 17 जुल॰ 2026

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने डोडा ज़िले के भद्रवाह इलाके में 30 साल के आम नागरिक आरिफ हुसैन की कथित हत्या की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस घटना को बेहद परेशान करने वाला बताया और चेतावनी दी कि मवेशियों की तस्करी के आरोपों का इस्तेमाल किसी खास समुदाय के खिलाफ भीड़ की हिंसा के बहाने के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने आधिकारिक बयान में महबूबा मुफ्ती ने दावा किया कि आरिफ हुसैन को गोली मारने से पहले चाकू मारा गया था. उन्होंने मामले में जल्द जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए जम्मू कश्मीर प्रशासन से कहा कि वे जल्द से जल्द असल तथ्यों का पता लगाएं.

मुसलमानों को नहीं बनाया जाए निशाना- मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने कड़ी चेतावनी दी कि इलाके में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जहां गाय की तस्करी के आरोपों को मुसलमानों को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने का बहाना बनाया जाए.

बता दें कि चीखा गांव के रहने वाले ऑटो ड्राइवर आरिफ हुसैन की गुरुवार देर रात (16 जुलाई, 2026) भद्रवाह के पास जाई-गांडोह रोड पर जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) के साथ हुई झड़प के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई.

पुलिस की बंदूक छीनने का आरोप

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर एसओजी की टीम ने कुछ लोगों को रोका. पुलिस का आरोप है कि हुसैन ने जवानों पर हमला किया और सर्विस राइफल छीनने की कोशिश की. हाथापाई के दौरान एक गोली चली, जिससे उसकी मौत हो गई और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालांकि, अधिकारियों ने इसमें किसी आतंकी एंगल से इनकार किया है और माना है कि कथित हाथापाई की वजह मवेशियों की तस्करी हो सकती है.

पुलिस के बयान में कहा गया, "इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखने पर पुलिस टीम ने उन लोगों को रोका. इसके बाद हाथापाई हुई, जिसमें सर्विस हथियार छीनने की कोशिश की गई. संघर्ष के दौरान एक गोली चली, जिससे हमलावरों में से एक घायल हो गया."

'हाथापाई के दौरान चली गोली'

घायल व्यक्ति को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया और बाद में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) डोडा रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक भद्रवाह के चीखा गांव का रहने वाला था. वह पेशे से ऑटो ड्राइवर था. यह घटना उसके गांव से लगभग 25 किलोमीटर दूर हुई. पुलिस ने यह भी बताया कि हाथापाई के दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी भी इस कथित हाथापाई में घायल हो गए.

जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन

हालांकि, परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हुसैन एक निर्दोष नागरिक थे. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन हुए और शुक्रवार की नमाज के बाद भद्रवाह शहर में हत्यारों को मौत की सज़ा देने की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया.

इंटरनेट बंद, सुरक्षा बल तैनात

हालात को काबू में रखने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए, जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए और पूरे भद्रवाह इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं. पूछताछ के लिए एक धार्मिक उपदेशक को भी हिरासत में लिया गया, हालांकि उन्हें हिरासत में लेने का सही कारण पता नहीं चल पाया है.