खत्म हुआ यूसुफ पठान के 'प्लॉट' का विवाद, गुजरात सरकार के फैसले से हुआ अब रास्ता साफ

Published on 20 अक्टू॰ 2026

पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को वडोदरा में विवादित जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है. गुजरात सरकार ने उन्हें वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का विवादित प्लॉट आवंटित करने को मंजूरी दे दी है. यह विवाद 2012 से चल रहा था और चर्चा का विषय बना हुआ था. इसे यूसुफ पठान के टीएमसी छोड़कर NCPI में शामिल होने के बाद मिले इनाम के तौर पर देखा जा रहा है. इस मामले में कोर्ट में भी कई बार सुनवाई हुई और याचिकाएं दायर की गईं, लेकिन अंततः सरकार ने प्लॉट आवंटन को मंजूरी दी है.

प्लॉट आवंटन की यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है. राज्य सरकार के आदेश के बाद वडोदरा नगर निगम की अंतिम मुहर लगते ही यूसुफ पठान को अपने घर के बगल वाली जमीन का कब्जा मिल जाएगा. इस जमीन को लेकर साल 2012 से विवाद चला आ रहा है.

बहरामपुर सांसद और पूर्व क्रिकेचर यूसुफ पठान को तांदलजा स्थित उनके आवास के पास नगर पालिका का प्लॉट आवंटित करने की कवायद लगभग 14 साल बाद फिर शुरू हुई है. तांदलजा TP-22 के फाइनल प्लॉट नंबर 90 से 978 वर्ग मीटर प्लॉट की कीमत 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 20.53 करोड़ रुपये आंकी गई थी. नीलामी के लिए न्यूनतम आधार मूल्य तय होने के बाद यूसुफ पठान को प्लॉट आवंटित करने का प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने पेश किया जाएगा. 

इस मामले में वडोदरा नगर निगम कमिश्नर अरुण बाबु ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें मंजूरी मिल चुकी है. नगर निगम की स्थायी समिति में प्रस्ताव रखे जाने के बाद यह प्रक्रिया पूरी होगी. उन्होंने बताया कि इस प्लॉट के लिए यूसुफ पठान को राशि का भुगतान करना होगा. यह राशि कितनी होगी यह राज्य सरकार के आदेश के अध्य्यन के बाद ही पता चल पाएगा. 

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इस मामले में साल 2012 में बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान ने नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखकर अपने बंगले के बगल में स्थित 978 वर्ग मीटर के प्लॉट के आवंटन की मांग की थी. इसके बाद 30 मार्च और 8 जून 2012 को बैठकें हुई जिसमें प्लॉट आवंटन का प्रस्ताव आगे बढ़ा. प्लॉट को सार्वजनिक नीलामी के बिना 99 साल की लीज(पट्टे) पर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. 

2014 में सरकार ने नीलामी के बिना प्लॉट आवंटन को नहीं दी थी मंजूरी

साल 2014 में राज्य सरकार ने सार्वजनिक नीलामी के बिना प्लॉट आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी. साल 2024 में नगर निगम ने प्लॉट आवंटन के प्रस्ताव के नामंजूर किए जाने का हवाला देते हुए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई का आदेश दिया था. जसिके बाद यूसुफ पठान ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. 21 अगस्त, 2025 को गुजरात हाईकोर्ट ने यूसुफ पठान की याचिका को खारिज कर दिया था. 

हालांकि, यूसुफ पठान ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील भी दायर की थी. इसी साल 8 जून को मामले में हाईकोर्ट ने पठान से सवाल किया था कि जब जमीन का कानूनी आवंटन ही नहीं हुआ, राशि का भुगतान भी नहीं हुआ तो सरकारी जमीन पर कब्जा कैसे हासिल किया गया? हाईकोर्ट ने नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे. 

पठान के वकील ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन आवंटन के संबंध में राज्य सरकार की नीति का हवाला देते हुए अपनी दलीलें आगे बढ़ाने के लिए समय मांगा था. हालांकि, मामले में रोचक मोड़ तब आया जब 31 अगस्त, 2026 को यूसुफ पठान ने कोर्ट में दायर अपनी अपील वापस ले ली थी. अब गुजरात सरकार ने यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का विवादित प्लॉट आवंटित करने को मंजूरी दे दी है.

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