पंजाब भर में सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण पैदा हुए गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने सख्त रुख अपनाया है। कूड़ा निस्तारण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने जिले के सभी एसडीएम (SDM), नगर प
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डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने कहा कि लगातार जमा कूड़े और मानसूनी मौसम के कारण मच्छरों व दूषित पानी से गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। आम नागरिकों की सेहत और जीवन की सुरक्षा के लिए ये कड़े कदम उठाना अनिवार्य था। आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट के तहत शक्तियों का प्रयोग
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट, 1911 की धारा 233/234 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के वार्डों, बाजारों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों से जमा कूड़ा तुरंत उठाने के लिए ठेकेदार एजेंसियों, आउटसोर्स कर्मचारियों, किराए के वाहनों और मशीनों अन्य सरकारी विभागों की सहायता लेकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करें।
संवेदनशील क्षेत्रों में सफाई और फॉगिंग को प्राथमिकता
जारी आदेशों में अस्पतालों, डिस्पेंसरी, स्कूलों, बाजारों, जल स्रोतों और नालियों जैसे संवेदनशील स्थानों से तुरंत गंदगी हटाने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को जिले भर में युद्ध स्तर पर एंटी-लार्वा स्प्रे/फॉगिंग कराने और नालियों व जल स्रोतों का क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित बीमारियों के खतरे को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और आईवी फ्लूइड (ड्रिप) का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
म्यूनिसिपल फंड से होगा खर्च, रोज देनी होगी रिपोर्ट
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वैकल्पिक सफाई व्यवस्था पर होने वाला सारा खर्च संबंधित नगर परिषद या नगर पंचायत के म्यूनिसिपल फंड से वहन किया जाएगा और इसका पूरा हिसाब रखा जाएगा। साथ ही, सभी एसडीएम और ईओ को रोजाना कूड़ा उठाने, कवर किए गए इलाकों और कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी होगी।