हैदराबाद के फूड लवर्स के लिए आज यानी 25 जुलाई का दिन बेहद खास है। नोवोटेल हैदराबाद कन्वेंशन सेंटर (NHCC) में चल रहे 'फॉरेस्ट एंड फायर' फेस्टिवल का रोमांच आज अपने चरम पर पहुंच गया है। कल होने वाले ग्रैंड फिनाले से पहले आज रात 'परमिट टू ग्रिल' में एक एक्सक्लूसिव बार टेकओवर होने जा रहा है। अगर आप भी इस अनोखे ट्राइबल जायके का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो देर न करें और अपनी टेबल तुरंत बुक करें।
आज रात का सबसे बड़ा आकर्षण 'परमिट टू ग्रिल' में होने वाला शानदार बार टेकओवर है। यहां एक्सपर्ट मिक्सोलॉजिस्ट महुआ और जंगली बेर जैसे दुर्लभ ट्राइबल इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल कर खास 'फॉरेस्ट-इंस्पायर्ड' कॉकटेल तैयार कर रहे हैं। यह स्पेशल सेशन शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जो आपके डिनर के मजे को दोगुना कर देगा। लाइव म्यूजिक और शनिवार की खुशनुमा शाम के बीच आप इन स्मोकी ड्रिंक्स का आनंद ले सकते हैं।
फॉरेस्ट एंड फायर फेस्टिवल में जरूर चखें ये ट्राइबल डिशेज
इस फेस्टिवल का मेन्यू भारत के आदिवासी इलाकों के पारंपरिक जायके और पाक कला को बखूबी दर्शाता है। यहां का 'बैम्बू चिकन' (बांस में पका हुआ चिकन) और जंगली जड़ी-बूटियों के साथ धीमी आंच पर तैयार किया गया स्मोक्ड मीट आपको जरूर ट्राई करना चाहिए। खाना पकाने की ये पुरानी तकनीकें ऐसा सोंधा और असली स्वाद देती हैं, जो आजकल के शहरी किचन में मिलना मुश्किल है। यह फेस्टिवल शहर के बीचों-बीच क्षेत्रीय पहचान और संस्कृति से जुड़ने का एक बेहतरीन मौका है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वेन्यू (जगह) | फूड एक्सचेंज और परमिट टू ग्रिल |
| फेस्टिवल का आखिरी दिन | रविवार, 26 जुलाई, 2026 |
| कीमत | ₹2,500 से ₹3,500 प्रति व्यक्ति |
| पहुंचने का सही समय | शाम 6:30 बजे (बार टेकओवर के लिए) |
फॉरेस्ट एंड फायर फेस्टिवल: जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हैदराबाद में जुलाई की मानसूनी बारिश को देखते हुए होटल की प्रोफेशनल वैले पार्किंग सर्विस का इस्तेमाल करना समझदारी होगी। भारी बारिश के बावजूद वेन्यू के अंदर का माहौल काफी आरामदायक और खुशनुमा है। अगर फेस्टिवल में टेबल फुल हो जाए, तो आप हाईटेक सिटी के 'मंची बाफे' जैसे पास के रेस्टोरेंट्स का रुख कर सकते हैं। हालांकि, NHCC का यह स्मोकी ट्राइबल मेन्यू इस वीकेंड के लिए फूड लवर्स की पहली पसंद बना हुआ है।
चूंकि यह फेस्टिवल कल खत्म हो रहा है, इसलिए होटल डेस्क के जरिए अपनी बुकिंग जल्द से जल्द पक्की कर लें। रेगुलर ग्लोबल डिशेज से हटकर जंगलों के इन गुमनाम स्वादों को चखना एक रिफ्रेशिंग अनुभव होगा। मिट्टी के बर्तनों में बना पारंपरिक खाना और फाइव-स्टार मेहमाननवाजी का यह मेल आपकी शाम को यादगार बना देगा। भारतीय जंगलों के इस असली स्वाद को करीब से महसूस करने का आज आखिरी मौका है।