Pramod Kumar कौन थे? 5 करोड़ के लिए जिम के बाहर 16 राउंड फायरिंग, सिंगर Ankit Baliyan की तरह दर्दनाक हत्या

Published on 4 सित॰ 2026

Time Published: Friday, September 4, 2026, 13:51 [IST]

Pramod Kumar Narela Murder Case: देश की राजधानी दिल्ली गोलियों की तड़तड़ाहट से दशहत में है। वजह है- गोगी और भाऊ गैंग का आतंक। बताया जा रहा है कि तीन सितंबर को भी नरेला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या के बाद सनसनी फैल गई। बाकनेर इलाके में जिम के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने प्रमोद कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात के दौरान करीब 16 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रमोद कुमार मूल रूप से सोनीपत के रहने वाले बताए जा रहे थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। वह गुरुवार (3 सितंबर) सुबह अपने एक दोस्त के साथ बुलेटप्रूफ कार से नरेला के एक जिम पहुंचे थे। आरोप है कि कार से उतरते ही वहां पहले से घात लगाए तीन बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल प्रमोद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे प्रमोद को मौत के घाट उतारा गया? कौन है ये भाऊ गैंग? एक-एक पन्ना उधेड़ते हैं...

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जिम के बाहर मिनटभर में चलीं कई गोलियां

पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना सुबह करीब 7:10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल प्रमोद कुमार को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बेहद कम समय में कई गोलियां दाग दी। बताया जा रहा है कि करीब 16 राउंड फायरिंग हुई। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सुबह के वक्त जिम के बाहर हुई इस गोलीबारी से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

क्या 5 करोड़ की रंगदारी बनी हत्या की वजह?

प्रारंभिक जांच में रंगदारी की आशंका सामने आई है। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि प्रमोद कुमार से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मांगी जा रही थी। दावा है कि उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए भी थे, लेकिन इसके बावजूद उनसे कथित तौर पर बाकी रकम की मांग जारी रही।

हालांकि, रंगदारी की रकम और हत्या की वजह से जुड़े इन दावों की जांच अभी पुलिस कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इन्हें अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।

हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुर के नाम से कथित जिम्मेदारी का दावा

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पत्र सामने आया, जिसमें कुख्यात हिमांशु भाऊ (Himanshu Bhau) और नीरज फरीदपुर (Neeraj Faridpur) के नाम से वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वायरल पत्र वास्तविक है या किसी ने गिरोह के नाम का इस्तेमाल कर इसे प्रसारित किया है।

घटना को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बुलेटप्रूफ कार और लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद हमलावरों ने प्रमोद कुमार को कैसे निशाना बनाया? पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।

परिवार और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

हत्या की खबर मिलने के बाद प्रमोद कुमार के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को नरेला-लंबपुर रोड पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के चलते सड़क पर करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।

Singer Ankit Baliyan की तरह दर्दनाक हत्या

आपको बता दें कि, 26 अगस्त की शाम करीब 7 बजे शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या भी कुछ इसी तरह की गई थी। अंकित जैसे ही आर्यपुरी इलाके के जिम से बाहर निकला, 4 घात लगाकर बैठे हमलावरों ने करीब 18 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में अंकित की मौत हो गई। मामले को लेकर गोगी गैंग ने एक पोस्ट जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली है।

भाऊ गैंग दिल्ली पुलिस का सिरदर्द!

प्रमोद कुमार हत्याकांड ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में हिमांशु भाऊ गिरोह का आतंक छाया हुआ है। कथित तौर पर जुड़े शूटर्स के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। 30 जुलाई को शाहबाद डेयरी इलाके में मुठभेड़ के बाद क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी दी थी। इनमें हिमांशु भाऊ गैंग से कथित तौर पर जुड़ा एक आरोपी और एक नाबालिग शामिल बताया गया था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान कई राउंड फायरिंग हुई थी।

इसके अलावा, 20 अगस्त को बक्करवाला इलाके में क्राइम ब्रांच और कथित तौर पर हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े शूटर्स के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को घायल अवस्था में पकड़ा गया था। पुलिस का दावा था कि दोनों किसी व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना में थे और उन्होंने पुलिस टीम पर करीब आठ राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हुए। पुलिस ने उनके पास से दो ग्लॉक पिस्तौल बरामद करने की बात कही थी।

अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल

प्रमोद कुमार हत्याकांड में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, हमलावरों को प्रमोद की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली और क्या वारदात के पीछे वास्तव में रंगदारी का विवाद था।

पुलिस वायरल जिम्मेदारी वाले पत्र की भी सत्यता जांच रही है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के संभावित नेटवर्क के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल प्रमोद कुमार की हत्या ने नरेला में कारोबारियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

Who Is Himanshu Bhau Gang: कौन है हिमांशु भाऊ?

हिमांशु भाऊ का संबंध हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव से बताया जाता है। 2024 की मीडिया रिपोर्टों में उसकी उम्र करीब 21 साल बताई गई थी। पुलिस के मुताबिक, उसने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे दिल्ली-हरियाणा के आपराधिक नेटवर्क में अपनी जगह बनाई।

बाद में उसके नाम से Bhau Gang या Himanshu Bhau Gang के नाम से एक नेटवर्क की चर्चा होने लगी। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में स्थानीय युवाओं और कथित शूटरों का इस्तेमाल रंगदारी, धमकी और हिंसक वारदातों के लिए किया जाता रहा है।

विदेश में बैठकर नेटवर्क चलाने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ भारत से बाहर निकल गया और पहले पुर्तगाल तथा बाद में अमेरिका में रहने लगा। आरोप है कि विदेश में रहते हुए भी वह भारत में मौजूद अपने नेटवर्क के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता रहा। पुलिस के अनुसार, उसके नेटवर्क में शामिल कथित शूटरों को फोन या दूसरे डिजिटल माध्यमों से निर्देश दिए जाते थे। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में हुई कुछ वारदातों की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में भी उसके नेटवर्क से संपर्क के दावे सामने आए हैं।

Himanshu Bhau Gang की क्राइम कुंडली पर एक नजर...

Burger King हत्याकांड से बढ़ी चर्चा

हिमांशु भाऊ का नाम 18 जून 2024 को दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित Burger King आउटलेट में हुई हत्या के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। इस घटना में अमन जौन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट सामने आया था। इसमें हत्या को अपने साथी शक्ति दादा की हत्या का बदला बताया गया था। इस मामले की जांच के दौरान हिमांशु भाऊ से जुड़ी बताई गई अनु धनकर की गिरफ्तारी भी हुई थी।

Tilak Nagar में 5 करोड़ की रंगदारी का मामला

मई 2024 में दिल्ली के तिलक नगर में एक कार शोरूम पर हुई फायरिंग के मामले में भी हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, हथियारबंद हमलावरों ने शोरूम में फायरिंग की और कारोबारी से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, गोलीबारी में कई लोग घायल हुए थे। जांच के दौरान पुलिस ने इसे संगठित अपराध से जोड़कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

Elvish Yadav के घर फायरिंग में भी नाम

हिमांशु भाऊ गैंग का नाम यूट्यूबर और सोशल मीडिया सेलिब्रिटी एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी में भी सामने आया था। सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों के वहां पहुंचने और फायरिंग करने की बात सामने आई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। कथित पोस्ट में एल्विश यादव पर ऑनलाइन बेटिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था।

कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं?

2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ के खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और फायरिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियों की नजर सिर्फ हिमांशु भाऊ पर ही नहीं, बल्कि उसके कथित नेटवर्क पर भी है। समय-समय पर दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने उसके नेटवर्क से जुड़े बताए गए लोगों को गिरफ्तार किया है।

Interpol Red Notice भी चर्चा में

हिमांशु भाऊ के खिलाफ Interpol Red Notice जारी होने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अगस्त 2023 में उसके खिलाफ Red Notice जारी किया गया था। यहां यह समझना जरूरी है कि Red Notice खुद गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। यह इंटरपोल के सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच किसी वांछित व्यक्ति की पहचान और संभावित गिरफ्तारी के लिए सहयोग का अनुरोध होता है। इसके बाद गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया संबंधित देश के कानून के तहत होती है।

MCOCA के तहत भी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े मामलों में MCOCA यानी Maharashtra Control of Organised Crime Act के प्रावधानों के इस्तेमाल की भी जानकारी दी है। 2025 में पुलिस ने गैंग के कई सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही थी।

इस तरह जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क को अलग-अलग घटनाओं के समूह के बजाय कथित संगठित अपराध के एक नेटवर्क के रूप में देखती रही हैं।