Updated: Tuesday, October 6, 2026, 21:24 [IST]
Rahul Gandhi Priyanka Detained: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में शुरू हुआ INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन मंगलवार (6 अक्टूबर) देर रात तक जारी रहा। संसद से चुनाव आयोग तक मार्च रोक दिए जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा करीब 8 घंटे तक आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे।
राहुल गांधी लगातार इस बात पर अड़े रहे कि वह चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले बिना वहां से नहीं जाएंगे। देर शाम दिल्ली पुलिस के अधिकारी दोनों नेताओं को धरना स्थल से हटाने पहुंचे। बातचीत के बाद भी जब प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया और बस में बैठाकर वहां से ले गई। बताया जा रहा है कि प्रियंका-राहुल गांधी को किंग्सवे कैंप थाने लेकर गई।
सुबह 10 बजे शुरू हुआ था मार्च
INDIA ब्लॉक का 'Save Democracy March' मंगलवार सुबह करीब 10 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ था। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी समेत विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। विपक्ष की मांग थी कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चर्चा करे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।

बैरिकेडिंग के बाद हिरासत, फिर आकाशवाणी पहुंचे राहुल-प्रियंका
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इसी दौरान राहुल गांधी पुलिस की बैरिकेडिंग पर भी चढ़े। इसके बाद राहुल और प्रियंका समेत कुछ नेताओं को पुलिस बस में बैठाया गया। लेकिन दोनों नेता बाद में बस से उतर गए और आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। वहां उन्होंने बरगद के पेड़ के नीचे धरना शुरू कर दिया।

'मिले बिना नहीं जाएंगे'... राहुल की जिद
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं। राहुल का कहना था कि करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं और उन्हें चुनाव आयोग तक जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर निर्वाचित जनप्रतिनिधि चुनाव आयोग के अधिकारियों से नहीं मिल सकते तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाता है। राहुल गांधी का कहना था कि वह ज्ञानेश कुमार से मिले बिना वहां से नहीं जाएंगे।
8 घंटे तक बरगद के पेड़ के नीचे धरना, चबूतरे से चटाई, फिर चांदनी आई
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। राहुल और प्रियंका आकाशवाणी परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठे रहे। काफी देर बाद चटाई का इंतजाम किया गया। सभी सांसदों के साथ प्रियंका चटाई पर बैठीं। कुछ देर बाद सफेद चांदनी (चादर) का इंतजाम हुआ। जैसे-जैसे समय बीतता गया, पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की गई। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की वजह से नई दिल्ली इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा है।

रात 8 बजे पुलिस पहुंची, कार्यकर्ताओं ने घेरा
रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस के जवान राहुल गांधी को धरना स्थल से हटाने पहुंचे। पुलिस के पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को घेर लिया। कुछ देर तक वहां मौजूद नेताओं और पुलिस के बीच बातचीत होती रही। पुलिस अधिकारियों ने राहुल और प्रियंका से धरना खत्म करने की अपील की। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया।
बस में ठूंसकर ले गई पुलिस?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद बस में बैठाया। इसके बाद पुलिस उन्हें आकाशवाणी भवन परिसर से लेकर रवाना हो गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल लगातार अपने उस रुख पर कायम रहे कि वह चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले बिना धरना खत्म नहीं करेंगे।
रात में भी बढ़ाई गई सुरक्षा
राहुल और प्रियंका के धरने के चलते दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। शाम तक पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को तत्काल हटाने की कोई योजना नहीं होने की बात सामने आई थी। पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी से बातचीत कर स्वेच्छा से धरना खत्म करने का आग्रह किया। लेकिन कई घंटे बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लेकर धरना समाप्त करा दिया।