सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी से सियासी घमासान, जानिये ACB ने क्या आरोप लगाए हैं ? - Haribhoomi

Published on 19 अग॰ 2026

Satyendar Jain Arrest: सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी से सियासी घमासान, जानिये ACB ने क्या आरोप लगाए हैं ?

Satyendar Jain Arrest: आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद से AAP के नेताओं में आक्रोश है, जिसके चलते वह भाजपा सरकार पर निशाना साध रहें हैं।

Satyendar Jain Arrest

आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार।

  • Published: 19 Aug 2026, 11:13 AM IST
  • Last Updated: 19 Aug 2026, 11:19 AM IST

Satyendar Jain Arrest: आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा 18 अगस्त मंगलवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया। जैन समेत कुल 6 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को अपग्रेड करने की टेंडर में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। गिरफ्तारी हो जाने के बाद जैन को मंगलवार देर रात मेडिकल जांच के लिए अरुणा आसफ अली अस्पताल ले जाया गया।   

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी BJP पर निशाना साधने में लगी हुई है। आप के चीफ ने दावा करते हुए कहा है कि पिछला केस भी फेक था, और यह केस भी फर्जी साबित होगा। इसके साथ ही AAP का दावा है कि इस गिरफ्तारी का कनेक्शन सीधे पंजाब विधानसभा चुनावों से है, क्योंकि जैन 2027 में होने वाले पंजाब चुनावों के लिए वहां AAP के सह-प्रभारी हैं। 

साल 2024 में हुई थी FIR

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के अपग्रेडेशन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 मई 2024 को दर्ज की गई FIR के आधार पर की गई है।

गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, AN एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड (EEPL) के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं।

सभी आरोपियों का मंगलवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। अब ACB उन्हें अदालत में पेश कर सकती है और मामले की आगे की जांच के लिए सत्येंद्र जैन समेत आरोपियों की कस्टडी की मांग कर सकती है।

क्या है पूरा मामला?

अक्टूबर 2022 में दिल्ली जल बोर्ड ने 10 STP को अपग्रेड करने के लिए चार बड़े टेंडर जारी किए थे। इनकी कुल अनुमानित लागत करीब 1,943 करोड़ रुपये बताई गई थी। ACB का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर बदलाव कर EEPL को फायदा पहुंचाया गया। 

इसी मामले में ACB ने 11 मई 2024 को FIR दर्ज की थी, जिसमें EEPL और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जुलाई 2024 से मामले की जांच शुरू की। ED की जांच में कथित मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल सामने आया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, EEPL के एमडी राजा कुमार कुर्रा और उनके सहयोगियों ने टेंडर हासिल करने के लिए कथित तौर पर 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।

जेल में रहते हुए सत्येंद्र जैन पर कैसे आया आरोप?

टेंडर जारी होने के समय दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी और सत्येंद्र जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। हालांकि, जैन मई 2022 से ही शराब नीति मामले में जेल में थे। AAP लगातार यह सवाल उठाती रही है कि जब जैन जेल में थे, तो वह टेंडर प्रक्रिया में कथित घोटाला कैसे कर सकते थे।

सत्येंद्र जैन अक्टूबर 2024 में जेल से बाहर आए थे। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों का आरोप है कि टेंडर जारी होने के समय जैन मंत्री पद से हटे नहीं थे और दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन भी बने हुए थे। इसी आधार पर एजेंसियां उनकी कथित भूमिका और टेंडर से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं। 

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रिश्वत की कितनी रकम सीधे सत्येंद्र जैन तक पहुंची और टेंडर प्रक्रिया में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका क्या थी।

ACB का क्या आरोप है?

PTI के मुताबिक, ACB का आरोप है कि टेंडर से जुड़ा कमीशन या रिश्वत का पैसा सृजनहार और AN एंटरप्राइजेज जैसी कथित बिचौलिया कंपनियों के जरिए ट्रांसफर किया गया।

जांच के अनुसार, EEPL से जुड़ी कंपनियों ने कथित तौर पर नागेंद्र यादव की प्रोप्राइटरशिप वाली फर्म को रकम ट्रांसफर की। ACB का आरोप है कि बैंकिंग चैनलों के जरिए करीब 1.52 करोड़ रुपये उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों तक पहुंचे। बाद में इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। ACB अब इस रकम के लेन-देन और इसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

गिरफ्तारी पर सियासी घमासान  

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जबकि AAP ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने दावा किया कि जैन की गिरफ्तारी का संबंध 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से है, क्योंकि वह पंजाब के लिए AAP के सह-प्रभारी हैं।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि खुद को ईमानदार बताने वाले अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के मंत्रियों को कथित घोटालों के परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी AAP पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

केजरीवाल ने लगाया बदले की राजनीति का आरोप

पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि बीजेपी ने जैन को एक बार फिर गिरफ्तार करवाया है। 

केजरीवाल ने कहा कि पिछला मामला भी कथित तौर पर फर्जी था और यह मामला भी अदालत में फर्जी साबित होगा। उन्होंने बीजेपी पर प्रतिशोध की राजनीति और तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को झूठे आरोप लगाकर जेल में डालने की राजनीति कब तक चलेगी।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि सत्येंद्र जैन के जेल में बिताए समय और कथित मानसिक प्रताड़ना की भरपाई कौन करेगा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की यह राजनीति अंततः जनता के सामने उजागर होगी और आम आदमी पार्टी सत्येंद्र जैन के साथ मजबूती से खड़ी है।

फिलहाल ACB की जांच का मुख्य फोकस कथित रिश्वत की रकम के लेन-देन, टेंडर प्रक्रिया में आरोपियों की भूमिका और सत्येंद्र जैन से इसके कथित संबंधों को स्थापित करने पर है। अदालत में पेशी और रिमांड के दौरान मामले में आगे की जांच की दिशा स्पष्ट हो सकती है।