Updated On: Aug 01, 2026 | 06:04 PM IST
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सार
Sawan 2026 Shiv Puja Mistakes: सावन में शिव पूजा के दौरान अविवाहित लड़कियों को कुछ गलतियों से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से महादेव की कृपा और शुभ फल प्राप्त होते हैं।

शिव पूजा में कुंवारी लड़कियां रखें ध्यान (सौ.AI)
विस्तार
Shiv Puja For Unmarried Girls : शिव आराधना का पावन महीना सावन अभी चल रहा है। इस पूरे महीने देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान कुंवारी लड़कियां मनचाहा और योग्य जीवनसाथी पाने के लिए व्रत रखती हैं ताकि उन्हें अच्छा जीवनसाथी मिल सके।
लेकिन कई बार अनजाने में पूजा के दौरान कुछ भूल हो जाती है, जिससे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है। ऐसे में आइए जानते है शिव पूजा में कुंवारी लड़कियां किन बातों का रखें ध्यान ?
शिव पूजा में कुंवारी लड़कियां किन बातों का रखें ध्यान ?
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हल्दी, सिंदूर, केतकी के फूल, तुलसी न चढ़ाए
धर्म ग्रथों में भगवान शिव की पूजा में हल्दी, सिंदूर, केतकी के फूल और तुलसी दल अर्पित करने की मनाही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हल्दी और सिंदूर स्त्री तत्व से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें केवल माता पार्वती को ही चढ़ाना चाहिए, शिवलिंग पर नहीं।
कई बार लड़कियां जानकारी न होने पर शिवलिंग पर सिंदूर या तुलसी पत्र चढ़ा देती हैं, जिससे बचना चाहिए। माता पार्वती को सिंदूर और हल्दी चढ़ाएं, जबकि शिव जी को केवल जल और चंदन अर्पित करें। इन बातों का ध्यान रखने से ही पूजा का फल मिलता है।
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खंडित सामग्री भी न चढ़ाएं
भगवान शिव की पूजा में हल्दी, सिंदूर, केतकी के फूल के अलावा, खंडित सामग्री भी नही चढ़ाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, शिवजी की पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खंडित सामग्री न चढ़ाएं।
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कई बार भक्तगण जल्दी में ऐसी ग़लती कर देते है। खासतौर पर,अविवाहित लड़कियां। इसलिए शिव पूजा के दौरान इन चीजों का खास ध्यान रखें। जब आप पूरी श्रद्धा और साफ सामग्री से पूजा करते हैं, तो महादेव आपकी हर इच्छा पूरी करते हैं और जीवन में खुशहाली आती है।
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शिवलिंग परिक्रमा का रखें ध्यान
शिवलिंग की पूजा करने के बाद शिवभक्त शिवलिंग की परिक्रमा करते है। परिक्रमा करने का भी एक खास नियम होता है। शिवलिंग की पूरी परिक्रमा न करें, पूजा के बाद हमेशा आधी परिक्रमा ही करें, जलधारी अथवा सोमसूत्र को कभी न लांघें।
जहां से जल बहकर बाहर निकलता है, कई बार भक्तगण खासतौर पर अविवाहित लड़कियां जल्दी में ऐसी ग़लती कर देते है। इसलिए ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।
