Sawan Vrat 2026: सावन में ये 6 व्रत करने वाले पर बरसती है भोलेनाथ की विशेष कृपा, क्या आपने रखा इनमें से कोई| Navbharat Live

Published on 5 अग॰ 2026

Updated On: Aug 05, 2026 | 06:17 PM IST

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सार

Sawan Vrat 2026 Bholenath Blessings: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। सावन में किए जाने वाले 6 प्रमुख व्रतों का धार्मिक महत्व के बारे में जानें।

Sawan Religious Rituals

शिवलिंग पूजा (सौ.AI)

विस्तार

Sawan Religious Rituals: सावन का महीना देवाधिदेव भगवान शिव की भक्ति का सबसे शुभ एवं पवित्र समय माना जाता है। कहते है, इस पवित्र महीने में भगवान शिव को एक लोटा जल चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है, तथा पापों से मुक्ति भी मिलती है।

इस पवित्र महीने में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं,लेकिन इस पावन महीने में कुछ और महत्वपूर्ण व्रत और पर्व भी आते हैं, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इन व्रतों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।

सावन महीने में कौन-कौन से व्रत रखना सबसे शुभ? –

  • सावन सोमवार व्रत

सावन के पवित्र महीने के हर सोमवार को सोमवार व्रत रखा जाता है। इस दिन शिव भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। अविवाहित युवक-युवतियां भी योग्य जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखते हैं।

  • मंगला गौरी व्रत

सावन के प्रत्येक मंगलवार को माता पार्वती के लिए मंगला गौरी व्रत भी रखा जाता है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से माता गौरी की पूजा करती हैं।

  • प्रदोष व्रत

सावन महीने त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखना भी विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इस बार यह व्रत 10 अगस्त और 25 अगस्त को होगा। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने पर पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है।

जो लोग पूरे वर्ष प्रदोष व्रत नहीं रख पाते, उनके लिए सावन का प्रदोष व्रत विशेष महत्व रखता है। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। यह व्रत पापों से मुक्ति और अच्छे कर्मफल के लिए उत्तम है।

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  • सावन शिवरात्रि

सावन महीने में पड़ने वाली सावन शिवरात्रि व्रत भी शिव भक्तों के लिए बेहद खास मानी जाती है। इस दिन रात्रि जागरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और चार पहर की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन में सुख, शांति व आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद देते हैं।

  • सोलह सोमवार व्रत

सावन के पहले सोमवार से इस व्रत की शुरुआत करना बहुत शुभ माना जाता है। भगवान शिव को समर्पित सोलह सोमवार व्रत को अत्यंत फलदायी माना गया है। लगातार सोलह सोमवार तक नियमपूर्वक व्रत रखने और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा तथा भांग अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं।

मान्यता है कि यह व्रत सुखी दांपत्य जीवन, संतान सुख, अच्छे स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति में सहायक होता है। शिव पुराण में भी इसकी महिमा का उल्लेख मिलता है।

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