
सुप्रीम कोर्टImage Credit source: PTI (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े डिजिटल पोर्टल्स को आपस में जोड़ने का आदेश दिया, ताकि फर्जी इंश्योरेंस क्लेम पर रोक लगाई जा सके. कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वो 4 हफ्ते के भीतर मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR), वाहन (VAHAN), सारथी (SARATHI) और इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) को आपस में जोड़ें. इससे दुर्घटना से जुड़ी जानकारी, वाहन और बीमा रिकॉर्ड और पहले किए गए दावों का इतिहास आसानी से साझा किया जा सकेगा.
फर्जी एक्सीडेंट क्लेम के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस इंटीग्रेशन में हिट-एंड-रन मामलों और PM-RAHAT स्कीम को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि एक्सीडेंट की जानकारी तुरंत सीधे इंश्योरेंस कंपनियों तक पहुंचाई जा सके. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने अधिकारियों को डेटाबेस के इंटीग्रेशन से जुड़े निर्देश का पालन करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया.
कुछ ही राज्य अपलोड कर रहे डेटा
कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित ईडीएआर पोर्टल स्थापित किया जा चुका है, लेकिन केवल कुछ ही राज्यों ने इस पर डेटा अपलोड करना शुरू किया है. ऐसे में सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि संबंधित डेटा को बिना किसी देरी के ईडीएआर पर अपलोड किया जाए. डिजिटल एकीकरण से संबंधित निर्देशों के अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कुछ बीमा कंपनियों द्वारा अदालत के सामने पेश होने के संबंध में अपने पूर्व निर्देशों का बार-बार पालन करने में विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें मोटर एक्सीडेंट मुआवजे के विवाद को धोखाधड़ी वाले इंश्योरेंस क्लेम की व्यापक जांच में बदल दिया गया था. ऐसा तब हुआ जब यह आरोप सामने आया कि एक ही इंश्योर्ड गाड़ी कई एक्सीडेंट मामलों में शामिल थी.
बीमा कंपनियों के प्रमुखों को जारी किया अवमानना नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना का नोटिस भी जारी किया, जिसमें उन बीमा कंपनियों के प्रबंध निदेशकों या मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और गैर-अनुपालन का स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था, जो अदालत में पेश नहीं हुए थे.
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पीयूष पांडे
प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.
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