बिलासपुर में लगातार बारिश से 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित, 5 मेमू ट्रेनें रद्द, SDRF ने 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
बिलासपुर में जलभराव
- Published: 18 Jul 2026, 10:35 AM IST
- Last Updated: 18 Jul 2026, 10:35 AM IST
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। करीब 20 साल बाद बिलासपुर में इतना व्यापक जलभराव देखने को मिला है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
5 मेमू ट्रेनें रद्द, 3 ट्रेनों का बदला गया रूट
भारी बारिश के चलते शहर की कई सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले भी उफान पर हैं। बारिश का असर रेलवे संचालन पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 5 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 3 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। रेलवे और प्रशासन की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
24 घंटे में 74.7 मिमी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं सीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 110.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में तेजी से जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
SDRF ने चलाया राहत अभियान
बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित सरकंडा और चांटीडीह क्षेत्रों में SDRF की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। दो नावों की मदद से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सरकंडा के बंधवापारा में जलस्तर बढ़ने के बाद घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। वहीं दोमुहानी क्षेत्र में 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए थे। कई परिवार पूरी रात घरों में फंसे रहे, जिन्हें सूचना मिलने के बाद राहत दल ने सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासन ने जारी की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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