नारनौल में SHO ने महिला के सामने बोली अभद्र भाषा: दुकान को लेकर महिला ने पकड़े पैर, विवाद की सुलह कराने गए थे - Narnaul News

Published on 7 अक्टू॰ 2026

नारनौल में रेवाड़ी रोड पर मोडावाला स्वर्ग आश्रम के पास एक दुकान पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ सामने आया है। दुकान पर विवाद के दौरान मौके पर पहुंचे शहर थाना एसएचओ अनिल कमांडो पर एक पक्ष ने महिला के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप

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घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने एसएचओ पर अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार एसएचओ लड़ाई-झगड़े और चोरी की शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे।

मामला रेवाड़ी रोड स्थित मोडावाला स्वर्ग आश्रम के पास बनी एक दुकान से जुड़ा है। इस दुकान को लेकर काफी समय से दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। मोडावाला निवासी शीशपाल गोस्वामी का कहना है कि दुकान मोडावाला मंदिर की जमीन पर बनी है और उनके पिता मुंशीराम के नाम से कई वर्षों से चली आ रही है।

2003 में बेची, 2016 में वापस लेने का दावा

शीशपाल के अनुसार दुकान को वर्ष 2003 में एक बार बेच दिया गया था, लेकिन वर्ष 2016 में उन्होंने इसे दोबारा वापस ले लिया। इसके बाद से उनका सामान दुकान में रखा हुआ है और वे ही इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

महिला ने पकड़े एसएचओ के पैर

शीशपाल का आरोप है कि बीते रविवार को शहर थाना एसएचओ अनिल कमांडो दूसरी पार्टी के नवीन कुमार के साथ दुकान पर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि एसएचओ ने नवीन कुमार को दुकान का कब्जा दिलाने का प्रयास किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो मौके पर मौजूद महिलाओं के सामने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस दौरान एक महिला एसएचओ के पैर पकड़कर विनती करने लगी। वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

नारनौल में एसएसओ अनिल कमांडो के पैर पकड़ती महिला।

नारनौल में एसएसओ अनिल कमांडो के पैर पकड़ती महिला।

नहीं था कोर्ट का कोई आदेश

शीशपाल का यह भी आरोप है कि एसएचओ ने बिना किसी कोर्ट के आदेश या अन्य दस्तावेज दिखाए नवीन कुमार को दुकान का कब्जा दिला दिया। इसके बाद वह एसपी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी। शीशपाल का कहना है कि बाद में उन्हें दुकान की चाबी वापस दिलाई गई।

दूसरे पक्ष ने 14 लाख में जमीन खरीदने की बात कही

वहीं दूसरे पक्ष के नवीन यादव का कहना है कि उसने पिछले वर्ष इस जमीन का हिस्सा उसके हिस्सेदारों से करीब 14 लाख रुपए में खरीदा था। इसके बाद वहां जूतों का गोदाम बनाया गया था। नवीन का आरोप है कि बाद में शीशपाल और उसकी पत्नी सुनीता ने वहां तोड़फोड़ कर कब्जा कर लिया और उसका सामान भी चोरी कर लिया।

नवीन के अनुसार वह इसी शिकायत को लेकर पुलिस को मौके पर लेकर गया था। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे किसी प्रकार का कब्जा नहीं दिलाया। फिलहाल दुकान पर शीशपाल पक्ष का कब्जा है। नवीन ने यह भी कहा कि दुकान में लगा बिजली का मीटर उसके नाम पर है।

पुलिस ने अभद्र भाषा के आरोप से किया इनकार

मामले में पुलिस पीआरओ नरेश यादव ने बताया कि एसएचओ अनिल कमांडो लड़ाई-झगड़े और चोरी की शिकायत मिलने के बाद मौके पर गए थे। वहां एक युवक के पेट्रोल लेकर आत्मदाह का प्रयास करने की स्थिति बनने की बात भी सामने आई। पीआरओ के अनुसार एसएचओ ने युवक के हाथ से पेट्रोल की बोतल ली और उसे ऐसा कदम नहीं उठाने के लिए कहा।

पुलिस का कहना है कि एसएचओ ने युवक से कहा था कि ऐसा करने पर उसे जेल में डाल दिया जाएगा। पीआरओ ने स्पष्ट किया कि एसएचओ ने मौके पर किसी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। फिलहाल दुकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं और पुलिस मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।