112

Image Credit :
Meta AI
ध्यान रखें श्राद्ध पक्ष से जुड़े ये नियम
Pitru Paksha Do And Donts: पितृ पक्ष में श्राद्ध के दिन पूर्वजों को याद कर उनके निमित्त तर्पण, पिंडदान और भोजन कराने की परंपरा है। इस दौरान घर के माहौल को शांत और सात्विक रखने की बात कही जाती है। कुछ काम ऐसे भी बताए गए हैं, जिन्हें श्राद्ध के दिन करने से बचना चाहिए। आइए 11 तस्वीरों के जरिए जानते हैं कि श्राद्ध के दिन घर में किन कामों की मनाही है।
Add Asianetnews Hindi as a Preferred Source
212
Image Credit :
Meta AI
घर में कलह करने से बचें
श्राद्ध के दिन घर में लड़ाई-झगड़ा और बेवजह विवाद करने से बचना चाहिए। इस दिन शांत मन से पितरों का स्मरण करने और घर का वातावरण शांत रखना चाहिए।
312
Image Credit :
Meta AI
मांस-मदिरा से दूरी
श्राद्ध के दिन मांस, मछली और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।। इस दिन सात्विक भोजन करने और पितरों के लिए बनाए गए भोजन को शुद्ध रखा जाता है।
ये भी पढ़ें-
412
Image Credit :
Meta AI
बाल और नाखून काटने से बचें
श्राद्ध के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। इस दिन को पितरों को समर्पित मानकर सामान्य सजने-संवरने वाले कामों से दूरी रखने की परंपरा है।
512
Image Credit :
Meta AI
नया सामान खरीदने से बचें
श्राद्ध के दिन नए कपड़े, गहने या दूसरी नई चीजें खरीदने से बचने की मान्यता है। इस दिन को उत्सव या व्यक्तिगत खरीदारी के बजाय पितरों को याद करने का दिन माना जाता है।
612
Image Credit :
Meta AI
शुभ मांगलिक काम न करें
पितृ पक्ष में शादी, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे बड़े मांगलिक कामों को करने से बचा जाता है। श्राद्ध का दिन विशेष रूप से पूर्वजों के स्मरण और उनके निमित्त कर्म के लिए माना जाता है।
712
Image Credit :
Meta AI
तामसिक भोजन से बचें
श्राद्ध के दिन प्याज-लहसुन सहित कई तामसिक माने जाने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की परंपरा है। इस दिन सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है।
812
Image Credit :
Meta AI
पेड़-पौधों और जीवों को नुकसान न पहुंचाएं
पितृ पक्ष में जीव-जंतुओं और प्रकृति के प्रति दया रखना चाहिए। खासकर श्राद्ध के भोजन में गाय, कौए और अन्य जीवों के लिए अन्न निकालने की परंपरा है।
912
Image Credit :
Meta AI
जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं
श्राद्ध के दिन ब्राह्मण, अतिथि या जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान करने या उसे खाली हाथ लौटाने से बचने की मान्यता है। पितरों के निमित्त दान और भोजन कराने की परंपरा इस दिन विशेष मानी जाती है।
1012
Image Credit :
Meta AI
पितरों के भोजन को पहले न खाएं
श्राद्ध के लिए बनाया गया भोजन पहले पितरों के निमित्त अर्पित करने की परंपरा है। श्राद्ध का भोजन तैयार होने के बाद उसे पहले से खाना उचित नहीं माना जाता।
1112
Image Credit :
Meta AI
श्राद्ध कर्म को अधूरा न छोड़ें
श्राद्ध के दिन तर्पण, पिंडदान या परिवार में चली आ रही श्राद्ध की परंपरा को श्रद्धा के साथ पूरा करने की मान्यता है। इस दिन पितरों का स्मरण और उनके निमित्त किए जाने वाले कर्म को विशेष महत्व दिया जाता है।
1212
Image Credit :
Getty
श्राद्ध के दिन इन कामों से बचने की मान्यता है..
- लड़ाई-झगड़ा और विवाद
- मांस-मदिरा का सेवन
- बाल और नाखून काटना
- अनावश्यक खरीदारी
- बड़े मांगलिक आयोजन
- पितरों को अर्पित भोजन पहले खाना
- तामसिक भोजन
- अतिथि या जरूरतमंद का अपमान
- जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाना
- श्राद्ध कर्म को श्रद्धा के बिना या अधूरा छोड़ना
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।