दिल्ली में चल रही मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है. ये नोटिस 'Unmapped with Last SIR' यानी पिछली SIR की मतदाता सूची से मैप नहीं होने की कैटेगरी में जारी किए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल और मां गीता देवी को नोटिस दिया गया है. इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल के 25 वर्षीय बेटे पुलकित केजरीवाल को भी इसी कैटेगरी में नोटिस जारी किया गया है.

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इस तरह केजरीवाल परिवार के कुल पांच सदस्य SIR प्रक्रिया के तहत जारी नोटिस के दायरे में आए हैं. ये सभी नोटिस विधानसभा क्षेत्र संख्या 40 यानी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के संबंधित पार्ट से जुड़े हैं.
110 मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस
जानकारी के अनुसार, इस खास पार्ट/सेगमेंट में कुल 110 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें केजरीवाल परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं. दिल्ली में SIR 2026 की प्रक्रिया चल रही है. आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानकर किया जा रहा है.
क्या है 'Unmapped with Last SIR' कैटेगरी का मतलब?
हालांकि, 'Unmapped with Last SIR' कैटेगरी में नोटिस मिलने का मतलब अपने आप मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है. SIR प्रक्रिया में 'अनमैप्ड' मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनसे संबंधित विवरण/दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. दिल्ली में बड़ी संख्या में मतदाताओं को ऐसे नोटिस जारी किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा है.
मामले में नई दिल्ली के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) का बयान सामने आया है. ERO ने बताया कि केजरीवाल और उनके परिवार की ओर से जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में पूरी जानकारी नहीं थी. नई दिल्ली के ERO ने कहा, 'जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में ऐसी पूरी जानकारी नहीं थी, जिसके आधार पर उन्हें संबंधित राज्यों के पिछले पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक किया जा सके. यह जानकारी उनके जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में मौजूद नहीं थी.'
AAP ने उठाए सवाल
केजरीवाल और उनके परिवार को मिले नोटिस पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि यह कैसी प्रक्रिया है, जिसमें तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोट दिल्ली की मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं.
हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद केजरीवाल परिवार के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सत्यापित किए जाएंगे.
29 अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जाएगी प्रक्रिया
ERO ने आगे कहा कि चुनाव आयोग (ECI) की ओर से निर्धारित और सूचित प्रक्रिया के अनुसार उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें पिछले पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक नहीं किया जा सका है. इसके अलावा उन मतदाताओं को भी नोटिस दिया जा रहा है, जिनकी पिछली मतदाता सूची से लिंकिंग में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं.
अधिकारी के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को ERO के सामने अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे.
नई दिल्ली के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर ने बताया कि इन नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी.
इससे पहले SIR प्रक्रिया के तहत पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किया गया था. अब चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस एन्यूमरेशन फॉर्म में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पिछले पुनरीक्षण की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाने के कारण जारी किए गए हैं.
सीएम रेखा गुप्ता को भी जारी किया गया था नोटिस
SIR प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों की लिस्ट में नाम आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस जारी किया गया था. पूरे मामले पर चुनाव अधिकारी ने प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है. चुनाव अधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री की मतदाता सूची में दर्ज एंट्री को सत्यापन के दौरान एक ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी तार्किक विसंगति की श्रेणी में चिह्नित किया गया था. इसी प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस जारी हुआ.
बाद में सही पाई गई एंट्री
हालांकि, दस्तावेजों और मौके पर किए गए सत्यापन के बाद रेखा गुप्ता की एंट्री को सही पाया गया और उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए वैध कर दिया गया है
कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी को भी नोटिस
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रोमिला सिब्बल को भी 'Unmapped with Last SIR' की श्रेणी में नोटिस जारी किया गया है.
दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि उन्हें नाम से जुड़ी विसंगति के कारण नोटिस मिला है. उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वालों में शामिल है. सचदेवा के मुताबिक, जरूरी दस्तावेज देकर इन विसंगतियों को ठीक कराया जाएगा.
दिल्ली CEO कार्यालय के अनुसार, ये नोटिस SIR के दावे और आपत्तियों के चरण के तहत जारी किए जा रहे हैं, जो 30 सितंबर तक चलेगा. जिन मतदाताओं को नोटिस मिले हैं, उन्हें 29 अक्टूबर तक संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO के समक्ष अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे.
CEO कार्यालय के मुताबिक, न्यायपालिका, जनप्रतिनिधियों, कला-संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और सार्वजनिक सेवाओं समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल रखे गए हैं, ताकि दावे और आपत्तियों के चरण के दौरान उनसे भी जरूरी दस्तावेज लिए जा सकें.
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