चंडीगढ़ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी ने मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची के आंकड़े जारी करतीं हुईं।
नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद शहर में मतदाताओं की संख्या करीब 56 हजार कम हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी ने मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची के आंकड़े जारी किए।
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SIR से पहले चंडीगढ़ में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 4,60,209 रह गई है। यानी पहले की सूची की तुलना में 56,218 मतदाता कम हुए हैं। SIR के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच की।
चुनाव विभाग के अनुसार SIR के दौरान 5,16,427 पंजीकृत मतदाताओं को कवर किया गया था। इनमें से 4,50,246 एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर डिजिटाइज किए गए थे, जबकि 66,146 फॉर्म बार-बार प्रयास के बावजूद प्राप्त नहीं हुए थे।
ड्राफ्ट सूची के बाद 9,927 मतदाता बढ़े
21 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में चंडीगढ़ में कुल 4,50,282 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया हुई। इस दौरान प्राप्त आवेदनों और उनके निपटारे के बाद अंतिम सूची में 9,927 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई। इसके बावजूद SIR से पहले की 5,16,427 मतदाताओं वाली सूची की तुलना में अंतिम संख्या काफी कम रही।
अंतिम सूची में 2.34 लाख पुरुष मतदाता
अंतिम मतदाता सूची में 2,34,516 पुरुष और 2,25,671 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 22 थर्ड जेंडर मतदाता भी सूची में शामिल हैं। इस तरह चंडीगढ़ में अंतिम मतदाता संख्या 4,60,209 हो गई है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार चंडीगढ़ की आबादी 10,54,000 थी। वहीं 2026 की अनुमानित आबादी 13,72,260 बताई गई है। अंतिम आंकड़ों के अनुसार मतदाता-जनसंख्या अनुपात 335 और लिंगानुपात 962 दर्ज किया गया है।
35 वार्डों में बदलेगा चुनावी गणित
चंडीगढ़ में नगर निगम के 35 वार्ड हैं। ऐसे में मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव का असर वार्डवार मतदाता संरचना पर भी दिखाई देगा। अंतिम सूची के बाद अब प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं की संख्या का नया आंकड़ा सामने आएगा। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए और कहां नए नाम जुड़े।
दिसंबर में निगम चुनाव प्रस्तावित
नगर निगम चुनाव दिसंबर में प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले जारी हुई अंतिम मतदाता सूची अब चुनावी प्रक्रिया के लिए आधार बनेगी। वार्डवार मतदाता संख्या में बदलाव के कारण उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को भी अपने-अपने वार्ड की नई मतदाता संरचना के अनुसार चुनावी तैयारी करनी होगी।
SIR में किन कारणों से नाम सूची में नहीं आए
SIR के शुरुआती चरण में चुनाव विभाग ने बताया था कि जिन 66,146 एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त नहीं हुए, उनमें फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान 43,724 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले थे। 12,568 मतदाता घर पर अनुपस्थित मिले, जबकि 3,729 मामलों में अन्य कारण सामने आए।
इसके अलावा 3,535 मतदाताओं को मृत और 2,590 प्रविष्टियों को डुप्लीकेट पाया गया था। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियों की पहचान करना था। अब अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं।