फाजिल्का में जेई को ड्रग में फंसाने की SIT जांच: DSP गुरसेवक सिंह फरार, साजिश का आरोप, SSP बोले- सबकी भूमिका जांची जाएगी - Fazilka News

Published on 19 जुल॰ 2026

पंजाब के फाजिल्का जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक जूनियर इंजीनियर (JE) को नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के झूठे मामले में फंसाने की गहरी साजिश रची गई। इस मामले में जलालाबाद में तैनात डीएसपी (DSP) गुरसेवक सिंह की कथित संलिप्तता साम

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एफआईआर में नामजद होने के बाद से डीएसपी फरार हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने मामले की व्यापक जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।

फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि पूरी घटना की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए एसपी (डी) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इस विशेष टीम में फाजिल्का के डीएसपी और अरनीवाला के थाना प्रभारी (SHO) को भी शामिल किया गया है। एसएसपी ने साफ किया कि एसआईटी इस साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका और कड़ियों का बारीकी से पता लगाएगी।

पानी पीने रुके जेई की गाड़ी से 'बरामद' कराया पैकेट

दर्ज एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता अमित कुमार अरनीवाला उपमंडल में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर तैनात हैं और मंडी रोड़ावाली गांव के निवासी हैं। अमित कुमार ने पुलिस को बताया कि बीते 3 जून को जब वे अपने घर से दफ्तर जा रहे थे, तो उन्होंने पानी भरने के लिए एक वाटर कूलर के पास अपनी कार रोकी।

इसी दौरान तीन पुलिसकर्मियों ने आकर अचानक उनकी गाड़ी की तलाशी शुरू कर दी और दावा किया कि गाड़ी से एक सफेद पदार्थ से भरा पैकेट मिला है। जेई अमित कुमार ने इस पैकेट के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कथित बरामदगी की पुष्टि के लिए मौके पर डीएसपी गुरसेवक सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया।

जांच में पाक-साफ निकले जेई, ग्रामीणों ने रची थी साजिश

हालांकि, जब उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की गहनता से विभागीय जांच की गई, तो जूनियर इंजीनियर अमित कुमार पूरी तरह निर्दोष पाए गए और उनके पास से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। अमित कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके ही पैतृक गांव मंडी रोड़ावाली के रहने वाले सुखजिंदर सिंह उर्फ शम्मी, सागर और राजन कुमार उर्फ नन्नू ने आपसी रंजिश या किसी दुर्भावना के तहत 2 जून की रात को उनकी गाड़ी में वह पैकेट छिपाकर रख दिया था। यह सब उन्हें एक बड़े ड्रग्स मामले में झूठा फंसाने और उनका करियर बर्बाद करने की साजिश का हिस्सा था।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: डीएसपी भी थे शामिल

प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 जुलाई को तीनों मुख्य आरोपियों (सुखजिंदर, सागर और राजन) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 212 (झूठी सूचना देना), 61(2) (आपराधिक साजिश) और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 58 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जब आरोपियों को फाजिल्का की अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया, तो पुलिस पूछताछ में उन्होंने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने कुबूल किया कि इस पूरी साजिश में जलालाबाद के डीएसपी गुरसेवक सिंह भी उनके साथ मिले हुए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फरार डीएसपी गुरसेवक सिंह को भी इसी एफआईआर में बतौर आरोपी नामजद कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।