Updated: Friday, October 2, 2026, 16:19 [IST]
Moga SHO Sunita Rani Arrested: पंजाब पुलिस की इंस्पेक्टर और मोगा जिले के कोट इस्से खान थाने की तत्कालीन SHO सुनीता रानी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर ₹50 हजार की रिश्वत लेने का आरोप है। पंजाब सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस ब्यूरो) ने 26 सितंबर को उन्हें और उनके गनमैन होमगार्ड जवान गुरवतार सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के पांच दिन बाद 1 अक्टूबर को पंजाब पुलिस ने सुनीता रानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को ड्रग्स तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे पैसे मांगे थे। विजिलेंस की फिरोजपुर रेंज की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों पकड़ा था। मोगा के SSP सरताज सिंह चहल ने भी सुनीता रानी के खिलाफ कथित कदाचार से जुड़ी रिपोर्ट फरीदकोट रेंज की IG नीलमबरी जगदाले को भेजी थी। इस रिपोर्ट में उनके कार्यकाल के दौरान मिली शिकायतों और व्यवहार से जुड़े मामलों का जिक्र किया गया है।
Who Is SHO Sunita Rani: कौन हैं सुनीता रानी?
सुनीता रानी पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थीं। उनकी पोस्टिंग मोगा जिले के कोट इस्से खान पुलिस स्टेशन में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के तौर पर थी। SHO के रूप में उनकी जिम्मेदारी थाने के कामकाज, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपने क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई की निगरानी करने की थी। हालांकि, सितंबर 2026 में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद वह चर्चा में आ गईं। पंजाब पुलिस ने गिरफ्तारी के पांच दिन बाद उन्हें विभाग से बर्खास्त कर दिया।
₹50 हजार की रिश्वत लेते कैसे पकड़ी गईं?
मामला 26 सितंबर का है। पंजाब सतर्कता ब्यूरो की फिरोजपुर रेंज की टीम ने सुनीता रानी और उनके गनमैन गुरवतार सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने एक व्यक्ति को ड्रग्स तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बदले उससे ₹50 हजार की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई की और दोनों को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में सुनीता रानी के साथ उनके गनमैन गुरवतार सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पहले भी मिली थीं शिकायतें, SSP की रिपोर्ट में क्या?
सुनीता रानी के खिलाफ रिश्वत मांगने और आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने की मौखिक शिकायतें पहले भी मिलने की बात सामने आई है। मोगा के SSP सरताज सिंह चहल की रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मकोट के DSP ने पहले भी सुनीता रानी को इस संबंध में फटकार लगाई थी। रिपोर्ट में SHO के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कथित कदाचार की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन शिकायतों के बाद उनके खिलाफ तबादले या किसी अन्य विभागीय कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत का वीडियो भी चर्चा में
सुनीता रानी की गिरफ्तारी के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो 27 सितंबर का बताया गया है, जब विजिलेंस ब्यूरो की टीम उन्हें मोगा अदालत में पेश करने पहुंची थी। वीडियो में वह अधिकारियों की मौजूदगी में पत्रकारों से सहजता से बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। SSP की रिपोर्ट में भी इस बातचीत का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
अब आगे क्या होगा?
सुनीता रानी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद पंजाब पुलिस ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। इस पूरे प्रकरण में तीन अहम पहलू सामने आए हैं, रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के आधार पर विजिलेंस की कार्रवाई और पहले से मिल रही कथित शिकायतों का विभागीय रिकॉर्ड।