Published: Wednesday, August 5, 2026, 15:33 [IST]
Sambhal Tamanna Malik Burqa Kanwar Yatra: संभल की एक एसडीएम कोर्ट ने मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी किया है। तमन्ना ने बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने का ऐलान किया था। पुलिस ने इस योजना से शांति-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। एहतियातन कोर्ट ने इस जोड़े को छह महीने के लिए 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर पाबंद भी किया है।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताएं जताए जाने के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया। अब मामला आगे बढ़ेगा जब दोनों एसडीएम कोर्ट के सामने पेश होकर अपनी सफाई देंगे। आपको बता दें कि, यह कोई पहली बार नहीं था। 2025 में भी तमन्ना बुर्के में कांवड़ यात्रा हरिद्वार से ला चुकी हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इसबार क्यों पहुंचा नोटिस?
Sambhal SDM Court Notice: कोर्ट का आदेश और पुलिस की रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीएम कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि असमोली थाने के एसएचओ ने कोर्ट को सूचित किया कि प्रस्तावित यात्रा से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। एसएचओ की रिपोर्ट में कहा गया कि अगर वह बुर्का पहनकर कांवड़ लाती हैं, तो शांति-व्यवस्था भंग हो सकती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने कपल से सफाई मांगी।
अधिकारियों ने बताया कि तमन्ना मलिक को 4 अगस्त को हरिद्वार के लिए निकलना था। उनके ऐलान की जानकारी ऑनलाइन बड़े पैमाने पर फैलने के बाद प्रशासन की नजर इस मामले पर पड़ी। पुलिस ने संभावित तनाव को देखते हुए कोर्ट से संपर्क किया और एहतियाती कार्रवाई की सिफारिश की।
Who Is Tamanna Malik: कौन हैं तमन्ना मलिक?
तमन्ना मलिक संभल की रहने वाली हैं। उन्होंने हिंदू युवक अमन त्यागी (Aman Tyagi) से शादी की है। दोनों का विवाह अंतरधार्मिक है। तमन्ना मुस्लिम बैकग्राउंड से हैं, जबकि उनके पति हिंदू हैं। पिछले साल 2025 में उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा की थी। उस समय उन्होंने हरिद्वार से गंगाजल लिया और करीब पांच दिन पैदल यात्रा कर संभल के प्राचीन क्षेमनाथ तीर्थ मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने जलाभिषेक किया।
उस यात्रा के दौरान तमन्ना बुर्का पहने हुए कांवड़ लेकर चल रही थीं। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। कई लोगों ने उनकी इस यात्रा को धार्मिक सौहार्द का उदाहरण बताया, जबकि कुछ वर्गों में इस पर सवाल भी उठे। तमन्ना का कहना है कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांवड़ों की 'जोड़ी' पूरी करना जरूरी माना जाता है। उन्होंने साफ कहा कि मैंने इस साल फिर से यात्रा करने की योजना बनाई थी, क्योंकि कांवड़ों की एक जोड़ी पूरी करनी है।
पति का बयान और परिवार का रुख
उनके पति अमन त्यागी ने कोर्ट की इस एहतियाती कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ करना किसी का भी अधिकार है। उन्हें उनके अधिकारों का पालन करने से क्यों रोका जा रहा है? अमन का तर्क है कि धर्म के आधार पर किसी को पूजा-अर्चना से नहीं रोका जा सकता। परिवार का मानना है कि तमन्ना की यह यात्रा व्यक्तिगत आस्था से जुड़ी है और इसमें किसी तरह की साजिश या उकसावे की बात नहीं है।
तमन्ना ने पिछले साल की यात्रा के अनुभव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ गंगाजल लाकर मंदिर में अर्पित किया था। इस बार भी उनका इरादा वैसा ही था। वे बुर्का पहनकर यात्रा करना चाहती थीं क्योंकि वे अपनी धार्मिक पहचान के साथ हिंदू रीति-रिवाज का पालन करना चाहती थीं।
बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा से पुलिस को एतराज क्यों?
पुलिस का पक्ष यह है कि बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने से संवेदनशील माहौल में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संभल और आसपास के इलाकों में धार्मिक संतुलन को लेकर पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में पुलिस ने किसी भी संभावित विवाद या भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की। एसएचओ की रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि अगर यात्रा योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है तो शांति भंग होने का खतरा है।
कोर्ट ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और जोड़े को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही छह महीने के लिए 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर पाबंद करने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि अगर इस अवधि में कोई समस्या पैदा होती है तो बॉन्ड जब्त किया जा सकता है। दोनों को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
तमन्ना ने पिछले साल भी निकाली थी बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा
2025 में तमन्ना की कांवड़ यात्रा ने काफी चर्चा पैदा की थी। हरिद्वार से संभल तक की पैदल यात्रा में उन्होंने करीब पांच दिन लगाए। बुर्का और कांवड़ का संयोजन सोशल मीडिया पर खासा चर्चित रहा। कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करार दिया। उस समय भी प्रशासन की नजर इस पर थी, लेकिन कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
इस साल जब तमन्ना ने दोबारा यात्रा का ऐलान किया तो मामला तेजी से फैला। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट और वीडियो शेयर होने लगे। कुछ यूजर्स ने समर्थन जताया, जबकि कुछ ने आपत्ति जताई। इसी ऑनलाइन चर्चा के बाद स्थानीय पुलिस सतर्क हुई और एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की।