Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस (Teacher’s Day 2026) के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) के गुरुजनों के नाम एक आत्मीय पत्र लिखा है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों को याद करते हुए शिक्षकों को सादर नमन किया और कहा कि किसी भी बच्चे की परिस्थितियां उसके सपनों की सीमा तय नहीं करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने अपने पत्र में कहा कि जीवन में कितना भी आगे बढ़ जाएं, शिक्षकों के प्रति आदर और कृतज्ञता का भाव कभी कम नहीं होता। उन्होंने अपने बचपन की कठिन परिस्थितियों और शिक्षा हासिल करने के दौरान सामने आई चुनौतियों को भी साझा किया।
/bansal-news/media/post_attachments/cb89452f-7ca.png)
बगिया के छोटे स्कूल से शुरू हुआ सफर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने बताया कि उनका जन्म जशपुर जिले के बगिया गांव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से हुई। करीब 10 साल की उम्र में चौथी कक्षा में पढ़ते समय उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार, खेती और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी भी उनके जीवन का हिस्सा बन गई।
पांचवीं तक गांव में पढ़ाई के बाद आगे की शिक्षा के लिए उन्हें कुनकुरी जाना पड़ा। यहां लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छोटे से कमरे में रहकर पढ़ाई की। हालांकि, पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनकी आगे की पढ़ाई जारी नहीं रह सकी और उन्हें खेती की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
स्लेट-तख्ती से स्मार्ट क्लास तक बदली शिक्षा
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पीढ़ी ने स्लेट, तख्ती और चॉक से पढ़ाई शुरू की थी, जबकि आज छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) के बच्चे स्मार्ट क्लास (Smart Class) और डिजिटल शिक्षा (Digital Education) के जरिए दुनिया भर के ज्ञान से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले दूरस्थ इलाकों में स्कूल तक पहुंचना भी बच्चों के लिए चुनौती था। आज बेहतर स्कूल, आधुनिक संसाधन और नए अवसर बच्चों तक पहुंच रहे हैं।
शिक्षक की भूमिका आज भी सबसे अहम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने कहा कि तकनीक जानकारी दे सकती है और किताबें ज्ञान दे सकती हैं, लेकिन बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाने, उसकी प्रतिभा पहचानने और संस्कार देने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अपने जीवन में गुरुजनों से मिली सीख को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का साहस भी उन्हें शिक्षकों से मिले संस्कारों और मार्गदर्शन से मिला।
अभाव में पीछे छूट रहे बच्चे का थामें हाथ
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विशेष आग्रह किया कि वे कक्षा में मौजूद हर बच्चे की क्षमता को पहचानें। खासतौर पर उस बच्चे का हाथ जरूर थामें, जो अभाव, संकोच या किसी अन्य कारण से पीछे छूट रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रोत्साहन किसी बच्चे की पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। शिक्षा (Education)का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संस्कार और प्रतिभा को विकसित करना भी है।
यह भी पढ़ें: Gold-Silver price today: जन्माष्टमी पर सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, जानिए क्यों गिरे दाम
शिक्षा में हो रहे बदलाव का किया जिक्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (National Education Policy 2020) के अनुरूप छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) में शिक्षा को अधिक सहज, आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं में सीखने के अवसर बढ़ाने, कौशल आधारित शिक्षा (Skill Based Education), डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: CG Employment Opportunities: छत्तीसगढ़ बनेगा सेंट्रल इंडिया का हब, टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के बड़े अवसर
बस्तर में फिर सुनाई दे रही स्कूलों की घंटी
मुख्यमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन इलाकों में भी स्कूलों की घंटियां फिर सुनाई दे रही हैं, जहां परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक स्कूल बंद रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल भवन और तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का प्रयास है।
यह भी पढ़ें: Chirag Paswan: बिहार में चिराग पासवान CM बनेंगे? LJP की बैठक में कार्यकर्ताओं का संकल्प, NDA में बढ़ सकती है सियासी हलचल
हर स्कूल बने सपनों का द्वार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने शिक्षकों से आह्वान किया कि मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) बनाया जाए, जहां हर स्कूल सपनों का द्वार और हर कक्षा संभावनाओं का संसार बने।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ शिक्षा के साधन लगातार बदलेंगे, लेकिन गुरु-शिष्य के बीच विश्वास, स्नेह और संस्कार का रिश्ता हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस (Teacher’s Day 2026) पर प्रदेश के सभी गुरुजनों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/04/screenshot-2026-09-04-232736-2026-09-04-23-28-09.png)
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/04/screenshot-2026-09-04-232740-2026-09-04-23-28-09.png)
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/04/screenshot-2026-09-04-232745-2026-09-04-23-28-09.png)
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/04/screenshot-2026-09-04-232751-2026-09-04-23-28-09.png)
यह भी पढ़ें: Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज की भक्तों को सलाह, कहा- भगवान का नाम या तस्वीर का टैटू बनवाने से बचें