Turtle Ring Astrology: आजकल कछुए के डिजाइन वाली अंगूठी यानी कछुआ रिंग फैशन एक्सेसरीज के तौर पर काफी पसंद की जाती है. हालांकि, वास्तु शास्त्र और फेंगशुई की मान्यताओं में इसे सिर्फ एक फैशन ज्वेलरी नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में कछुए को सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, स्थिरता और लंबी उम्र का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं में इसे भगवान विष्णु के कूर्म अवतार और माता लक्ष्मी से भी जोड़ा जाता है. यही वजह है कि सोने या चांदी की कछुआ रिंग को शुभ माना जाता है.
कछुआ रिंग पहनते समय सबसे जरूरी बात
वास्तु और फेंगशुई की मान्यताओं के मुताबिक, कछुआ रिंग पहनते समय उसके मुख की दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए. अंगूठी में बने कछुए का सिर आपकी तरफ यानी हथेली की ओर होना चाहिए. मान्यता है कि कछुए का मुख बाहर की ओर रखने से अंगूठी का शुभ प्रभाव कम हो सकता है और धन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.
किस उंगली में पहनें कछुआ रिंग?
ज्योतिष की मान्यताओं के मुताबिक, कछुआ रिंग को दाहिने हाथ की मध्यमा या तर्जनी उंगली में पहनना शुभ माना जाता है. हालांकि, इसे पहनने से पहले अपनी जन्मकुंडली और व्यक्तिगत ग्रह स्थिति के अनुसार किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना भी बेहतर माना जाता है.
इस दिन पहनना है शुभ
कछुआ रिंग को किसी भी दिन पहनने के बजाय गुरुवार या शुक्रवार को धारण करना शुभ माना जाता है. मान्यता के मुताबिक, इन दिनों इसे धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि से जुड़े लाभ मिल सकते हैं.
पहनने से पहले ऐसे करें शुद्ध
कछुआ रिंग को पहली बार पहनने से पहले इसकी शुद्धि करने की भी मान्यता है. इसके लिए अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध से साफ करके मंदिर में रखकर पूजा की जा सकती है. इसके बाद भगवान का ध्यान करके इसे धारण किया जाता है.
कछुआ रिंग पहनने के फायदे
धन लाभ: मान्यता है कि कछुआ रिंग आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और धन-संपत्ति को आकर्षित करने में मदद करती है.
मन की शांति: कछुए को शांत और स्थिर जीव माना जाता है. इसे पहनने से मानसिक तनाव कम करने मदद मिल सकती है.
नेगेटिव एनर्जी से सुरक्षा: वास्तु और फेंगशुई में कछुए को सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इसे नेगेटिव एनर्जी से बचाव के लिए भी शुभ माना जाता है.
कछुआ रिंग किस राशि को पहनना चाहिए?
वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं की मानें तो वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए कछुआ रिंग पहनना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन राशियों के लोगों को इसे धारण करने से धन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े लाभ मिल सकते हैं.
हालांकि, ज्योतिष में किसी भी रत्न या ज्योतिषीय वस्तु को धारण करने का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग माना जाता है. इसलिए केवल फैशन के लिए अंगूठी पहनने के बजाय उससे जुड़ी मान्यताओं और नियमों को जान लेना बेहतर है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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