Published: Wednesday, September 23, 2026, 10:28 [IST]
C. Vanmathi IAS Success Story: किसी के लिए UPSC की तैयारी करना सिर्फ एक परीक्षा की तैयारी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अपनी पूरी जिंदगी बदलने की कोशिश होती है। तमिलनाडु के इरोड जिले की सी. वनमथी की कहानी भी ऐसे ही संघर्ष की है। रिपोर्ट्स के अनुसार आर्थिक परेशानियों के बीच उन्होंने बचपन में परिवार का साथ देने के लिए भैंसें चराईं और उनके लिए चारे का इंतजाम किया।
12वीं में पहुंचने के बाद उन पर कम उम्र में शादी करने का दबाव भी बना, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया। स्कूल के दिनों में एक टीवी सीरियल में IAS अधिकारी का किरदार देखकर उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा। इसके बाद BCA और MCA की पढ़ाई पूरी की और UPSC की तैयारी में जुट गईं। आखिरकार 2014 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 152 हासिल की और IAS अधिकारी बनीं।
ड्राइवर पिता की बेटी, बचपन से ही जिम्मेदारियां
सी. वनमथी का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। उनके पिता ड्राइवर थे और घर की आमदनी सीमित थी। ऐसे में वनमथी ने पढ़ाई के साथ परिवार की मदद करना शुरू कर दिया था। बचपन में वह भैंसें चराती थीं और उनके लिए चारे का इंतजाम भी करती थीं। इन जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को पीछे नहीं छोड़ा। सीमित साधनों के बीच भी उनका सपना बड़ा था।
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12वीं में शादी का दबाव
वनमथी जिस समुदाय से आती थीं, वहां लड़कियों की कम उम्र में शादी को लेकर सामाजिक दबाव था। जब वह 12वीं कक्षा में थीं, तब रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की ओर से भी शादी करने की बात कही जाने लगी। लेकिन वनमथी ने उस समय अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने तय किया कि पहले पढ़ाई पूरी करेंगी और अपने पैरों पर खड़ी होंगी। उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं बदला।
TV सीरियल से मिला IAS बनने का आइडिया
वनमथी के IAS बनने के सपने की शुरुआत स्कूल के दिनों में हुई। वह 'गंगा यमुना सरस्वती' नाम का टीवी सीरियल देखती थीं। इसमें एक महिला IAS अधिकारी का किरदार था। उस किरदार की जिम्मेदारियों और समाज में उसके काम को देखकर वनमथी प्रभावित हुईं। यहीं से उनके मन में IAS अधिकारी बनने का विचार आया। धीरे-धीरे यह विचार उनका लक्ष्य बन गया।
BCA और MCA के बाद UPSC की तैयारी
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वनमथी ने कंप्यूटर एप्लीकेशन में BCA किया। इसके बाद उन्होंने MCA की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान लगाया और लगातार मेहनत करती रहीं। उनकी मेहनत का असर यह रहा कि वह अपने पहले प्रयास में ही UPSC के इंटरव्यू तक पहुंच गईं।
इंटरव्यू के समय बीमार पड़े पिता
UPSC के पहले प्रयास में जब वनमथी इंटरव्यू की तैयारी कर रही थीं, तभी उनके पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिवार के सामने अस्पताल और इलाज की जिम्मेदारी थी, वहीं दूसरी तरफ वनमथी के सामने UPSC इंटरव्यू था। इस मुश्किल समय में उन्होंने तैयारी बंद नहीं की। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी भी जारी रखी।
2014 में हासिल की AIR 152
लगातार मेहनत के बाद वनमथी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2014 में सफलता हासिल की। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 152 मिली और उनका चयन IAS के लिए हुआ। भैंस चराने से लेकर देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक को पास करने तक का उनका सफर दिखाता है कि आर्थिक दिक्कतों और सामाजिक दबाव के बीच भी पढ़ाई और लक्ष्य को जारी रखा जा सकता है।
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