Updated: Friday, September 4, 2026, 0:02 [IST]
Bareilly Murder Case: उत्तर प्रदेश के बरेली में बहन की कथित लव मैरिज से नाराज होकर अपने जीजा की हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला की अदालत ने आरोपी सईद खान को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोपी को पांच साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इस तरह दोनों मामलों में कुल जुर्माना 30 हजार रुपये हुआ। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
परिवार की मर्जी के खिलाफ हुई थी शादी
पुलिस के मुताबिक, बारादरी थाना क्षेत्र के हाजियापुर निवासी जाकिर अहमद ने करीब 15 साल पहले आरोपी सईद खान की बहन बेबी से परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी की थी। बताया गया कि इस विवाह को लेकर सईद खान नाराज था और जाकिर के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी पुरानी नाराजगी के चलते 5 मई 2024 को सईद खान ने कथित तौर पर जाकिर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
चाकू से हमले के बाद अस्पताल में मौत
पुलिस के अनुसार, घटना के समय सईद खान अपने घर पर था। जाकिर को देखने के बाद उसने कथित तौर पर उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में जाकिर गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद बारादरी थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
अदालत में पेश किए गए आठ गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने आठ गवाह पेश किए। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज अदालत के सामने रखे। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सईद खान को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। आर्म्स एक्ट के मामले में भी उसे पांच साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना दिया गया।
'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी
पुलिस ने बताया कि यह सजा 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी अभियोजन और पैरवी के बाद दिलाई गई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी, कोर्ट के अधिकारी, विवेचक तथा पुलिस और अभियोजन टीम के अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के मामले में अदालत का फैसला आरोपों, पेश किए गए साक्ष्यों और अभियोजन की कार्यवाही के आधार पर आया है।