UP: RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में 16 पर केस, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Published on 2 अक्टू॰ 2026

निलंबित किए गए अन्य पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक राम मूरत और कांस्टेबल चंद्रभान व प्रीतम शामिल हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है.

निलंबित किए गए अन्य पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक राम मूरत और कांस्टेबल चंद्रभान व प्रीतम शामिल हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है.

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UP Police

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मामले में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने लार थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. निलंबित किए गए अन्य पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक राम मूरत और कांस्टेबल चंद्रभान व प्रीतम शामिल हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है.

लाठी-डंडों से हमला कर दिया 

घटना लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव की है. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई गई सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर रामेश्वर तिवारी का अपने पट्टीदारों से विवाद हो गया था. विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई. आरोप है कि इसके बाद रामेश्वर तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया.

मारपीट में रामेश्वर तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया.

10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद उनकी पत्नी अमृता देवी की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. परिजनों का कहना था कि अगर समय रहते पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती.

कांस्टेबल को निलंबित करने का आदेश

एसपी ने परिवार को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई. प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने लार थाना प्रभारी, एक उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबल को निलंबित करने का आदेश दिया.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. नामजद और अज्ञात आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल होगी. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.